जनपद में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने निगरानी और सख्त कर दी है. जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देश पर शनिवार को जिला प्रशासन और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ सघन निरीक्षण अभियान चलाया.
इस दौरान कुल 53 प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिनमें 16 गैस गोदाम, 2 पेट्रोल पंप/पेटी डीजल डीलर और 35 व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल रहे.
कई क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई
निरीक्षण अभियान के तहत धुमाकोट-नैनीडांडा, चाकीसैंण, चेलूसैंण, सतपुली, लैंसडाउन, लक्ष्मणझूला और थलीसैंण क्षेत्रों में एक-एक गैस गोदाम की जांच की गई.
वहीं पौड़ी और उफरैंखाल/रिखणीखाल क्षेत्र में 2-2 गैस गोदामों का निरीक्षण किया गया.
कोटद्वार, दुगड्डा और अन्य क्षेत्रों में भी सख्ती
कोटद्वार क्षेत्र में 2 गैस गोदाम, 1 पेट्रोल पंप/पेटी डीजल डीलर और 6 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया.
दुगड्डा क्षेत्र में 1 गैस गोदाम और 6 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई. इसी प्रकार कोट-खोलाचौरी में 1 गैस गोदाम और 8 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, जबकि नौगांवखाल-पोखड़ा क्षेत्र में 1 गैस गोदाम, 1 पेटी डीजल डीलर और 15 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया.
स्टॉक और वितरण प्रणाली की बारीकी से जांच
निरीक्षण के दौरान टीमों ने स्टॉक रजिस्टर, गैस वितरण प्रणाली और निर्धारित मानकों के अनुपालन की गहन जांच की.
अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि उपभोक्ताओं को समय पर और निर्धारित मात्रा में गैस उपलब्ध कराई जा रही है या नहीं.
अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया कि गैस आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अनियमितता पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.


