उत्तराखंड के हल्द्वानी की बनभूलपुरा रेलवे भूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया है. कोर्ट की टिप्पणी के बाद हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के विस्तार की उम्मीद फिर से बढ़ गई है. कोर्ट ने कहा है कि रेलवे जमीन पर रह रहे लोगों का उस जमीन पर कोई कानूनी अधिकार नहीं है और रेलवे विस्तार के लिए जगह खाली करनी होगी. रेलवे विभाग का कहना है कि करीब 31 हेक्टेयर जमीन उसकी है. अगर यह जमीन रेलवे को मिल जाती है, तो स्टेशन के बड़े विस्तार और नई ट्रेनों के संचालन की योजना पर काम शुरू किया जाएगा.
इज्जतनगर मंडल रेलवे ने सुप्रीम कोर्ट में विकास कार्यों का पूरा प्लान भी पेश किया है. रेलवे का कहना है कि अतिक्रमित जमीन वापस मिलने के बाद कई बड़े काम शुरू किए जाएंगे, जिससे कुमाऊं के प्रमुख शहर हल्द्वानी के रेलवे स्टेशन की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है.
17 रेल लाइनें बिछाने की योजना
सबसे पहले गौला नदी से प्रभावित रेल लाइन को दूसरी तरफ शिफ्ट करने की योजना है. बरसात के समय गौला नदी में पानी बढ़ने से अक्सर ट्रेन संचालन प्रभावित होता है. अभी हल्द्वानी स्टेशन पर कुल 8 रेल लाइनें हैं, जिनमें 3 छोटी और 5 बड़ी लाइनें शामिल हैं. जमीन मिलने के बाद यहां लगभग 17 रेल लाइनें बिछाने की योजना है, जिससे अलग-अलग रूटों पर ज्यादा ट्रेनों का संचालन संभव होगा.
6 नए प्लेटफॉर्म
साथ ही प्लेटफॉर्म की संख्या भी बढ़ाई जाएगी. अभी स्टेशन पर 3 प्लेटफॉर्म हैं, जिन्हें बढ़ाकर 6 किया जाएगा. इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और भीड़ कम होगी. इसके अलावा एक अलग गुड्स प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जहां पहाड़ के लिए सामान लाने वाली मालगाड़ियां आएंगी. इसी जमीन पर ट्रेनों के कोच की धुलाई, सफाई और शंटिंग के लिए कोचिंग डिपो भी बनाया जाएगा.
गौला के पास स्थित रेलवे फाटक को बंद कर वहां अंडरपास बनाया जाएगा. साथ ही हाईवे की तरफ से स्टेशन का एक नया एंट्री गेट बनाया जाएगा, जिससे यात्री शहर के अंदर आए बिना सीधे नैनीताल की ओर जा सकेंगे. इससे हल्द्वानी शहर में जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है.
वंदे भारत ट्रेन
नई ट्रेनों की भी योजना है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार जमीन मिलने के बाद वंदे भारत ट्रेन को कुमाऊं तक लाया जा सकता है. यह ट्रेन काठगोदाम से दिल्ली के बीच चलाने की तैयारी है. इसके अलावा असम के कामाख्या मंदिर तक सीधी ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भी है, जिससे श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा.
मुंबई, बनारस और अन्य शहरों के लिए भी नई ट्रेनों का प्रस्ताव है. वहीं कानपुर और जम्मू रूट की मौजूदा ट्रेनों का समय बढ़ाया जा सकता है. फिलहाल काठगोदाम और हल्द्वानी से केवल 10 ट्रेनें संचालित होती हैं, जिससे सीमित रूटों पर ही यात्रा संभव है.
अहम बातें
- अभी हल्द्वानी स्टेशन से 8 रेल लाइनें संचालित
- वर्तमान में 10 ट्रेनें चल रही हैं
- भविष्य में 17 रेल लाइनें बिछाने की योजना
- वंदे भारत सहित कई नई ट्रेनें शुरू करने की तैयारी
अगर यह योजना पूरी होती है, तो हल्द्वानी रेलवे स्टेशन आधुनिक और सुविधाजनक स्टेशन के रूप में विकसित हो सकता है.


