पौड़ी. उत्तराखंड के जिला मुख्यालय पौड़ी में गुरुवार को हुई एक हिंसक घटना के विरोध में शुक्रवार को स्थानीय महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. एक सैलून संचालक द्वारा एक युवक पर कैंची से हमला करने की घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया, जिसके बाद नारी शक्ति सड़कों पर उतर आई. महिलाओं ने शहर में रैली निकालकर घटना के खिलाफ आवाज बुलंद की और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की.
रैली की शुरुआत बस अड्डे से हुई, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित हुईं. इसके बाद रैली माल रोड, एजेंसी चौक, अपर बाजार, लोअर बाजार और धारा रोड से होते हुए वापस बस अड्डे पर समाप्त हुई. प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं और इन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की
घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी. विशेष रूप से अपर बाजार में पुरानी जेल के समीप स्थित बारबर की दुकान के पास पुलिस बल तैनात किया गया था. रैली के दौरान इसी स्थान पर कुछ समय के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली. हालांकि स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई और रैली शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ी.
प्रदर्शन में शामिल राज्य आंदोलनकारी बीरा भंडारी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह एक गंभीर मामला है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है. उन्होंने कहा कि महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस तरह की घटनाओं पर तुरंत और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
महिलाओं ने क्या कहा?
स्थानीय महिलाओं ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है. उन्होंने मांग की कि आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.
इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार जैसे व्यस्त स्थानों पर भी इस तरह की घटनाएं होना चिंताजनक है. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए.
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है. वहीं, महिलाओं का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, उनका विरोध जारी रहेगा.


