देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। प्रदेशभर में 99 सड़कें बंद होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक असर पिथौरागढ़ जिले में देखने को मिला है, जहां कई प्रमुख और ग्रामीण मार्ग बाधित हैं।
पिथौरागढ़ सबसे ज्यादा प्रभावित
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, पिथौरागढ़ में धारचूला-तवाघाट और न्यू सबेला-तिदांग (बीआरओ एनएच) मार्ग बंद हैं। इसके अलावा जिले के 21 ग्रामीण मार्ग भी बंद पड़े हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
इन जिलों में भी बंद हैं सड़कें
बारिश और भूस्खलन के कारण अल्मोड़ा में 1, बागेश्वर में 2, चमोली में 9, चंपावत में 14, देहरादून में 13, नैनीताल में 3, पौड़ी में 7, रुद्रप्रयाग में 11, टिहरी में 7 और उत्तरकाशी में 11 सड़कें बंद हैं।
काली नदी खतरे के निशान के करीब
लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार दोपहर 3 बजे तक पिथौरागढ़ की काली नदी का जलस्तर 888.60 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका खतरे का निशान 890 मीटर है।
अलकनंदा, मंदाकिनी और गंगा का जलस्तर भी बढ़ा
रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर भी खतरे के करीब पहुंच गया है। वहीं हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर 291.55 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 294 मीटर है।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।


