उत्तराखंड में मानसून के दौरान आपदा जोखिम को कम करने के लिए पौड़ी गढ़वाल में एक नई पहल शुरू की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक के मार्गदर्शन में पायलट प्रोजेक्ट के तहत आपदा मद से खरीदे गए बुशकटर ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य बरसात के दौरान झाड़ियों की समयबद्ध सफाई कर राहत एवं बचाव कार्यों को सुगम बनाना है।
पहले चरण में 55 ग्राम पंचायतों को मिले बुशकटर
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रधानों को बुशकटर वितरित किए। उन्होंने बताया कि पहले चरण में जनपद की 55 ग्राम पंचायतों को यह उपकरण दिए जा रहे हैं। जो प्रधान कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, वे संबंधित तहसीलों से बुशकटर प्राप्त कर सकेंगे।
फीडबैक के आधार पर बढ़ेगा दायरा
जिलाधिकारी ने कहा कि इस पायलट प्रोजेक्ट के परिणाम और ग्राम प्रधानों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर अगले चरण में अन्य ग्राम पंचायतों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा।
बरसात में कम होगा आपदा का खतरा
डीएम ने बताया कि बारिश के मौसम में सड़कों, संपर्क मार्गों, पैदल रास्तों, सार्वजनिक स्थलों और जल निकासी मार्गों के किनारे तेजी से झाड़ियां उग जाती हैं। इससे आवागमन बाधित होता है और राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित होते हैं। समय पर झाड़ियों की सफाई से दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और आपदा के समय राहत कार्य तेजी से किए जा सकेंगे।
स्वच्छता और सुरक्षित आवागमन पर भी होगा जोर
जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों से बुशकटर का जिम्मेदारी के साथ नियमित उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल झाड़ियों की सफाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांवों में स्वच्छता, सुरक्षित आवागमन और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को भी मजबूत करेगी।
ग्राम प्रधानों ने जताया आभार
बुशकटर प्राप्त करने वाले ग्राम प्रधानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे गांवों, संपर्क मार्गों और जल निकासी क्षेत्रों की नियमित सफाई संभव होगी। इससे ग्रामीणों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी, जंगली जानवरों का खतरा कम होगा और आपदा संबंधी जोखिम भी घटेंगे।
थली गांव की ग्राम प्रधान साधना रावत ने कहा कि बुशकटर गांव के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। इससे घनी झाड़ियों की नियमित कटाई हो सकेगी, ग्रामीणों की सुरक्षा बढ़ेगी और आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का आभार भी व्यक्त किया।


