Global Report on Food Crises 2026 के अनुसार वर्ष 2025 में वैश्विक स्तर पर भुखमरी का संकट चिंताजनक रूप से बढ़ गया है। रिपोर्ट बताती है कि 47 देशों में करीब 26.6 करोड़ लोग खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं, जो 2016 के मुकाबले लगभग दोगुना है।
यह संकट केवल भोजन की कमी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई कारण हैं—जैसे युद्ध, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक अस्थिरता और बढ़ती महंगाई। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
पाकिस्तान समेत 10 देश सबसे ज्यादा प्रभावित
रिपोर्ट के अनुसार Pakistan, Afghanistan, Bangladesh, Nigeria, Syria और Yemen समेत 10 देश सबसे अधिक प्रभावित हैं।
पाकिस्तान में ही करीब 1.1 करोड़ लोग भूख से प्रभावित हैं, जिनमें से 93 लाख गंभीर संकट में हैं, जबकि 17 लाख लोग आपात स्थिति में पहुंच चुके हैं। हाल के वर्षों में आई बाढ़ और अत्यधिक बारिश ने यहां की फसलों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे खाद्य संकट और गहरा गया है।
बच्चों और महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर
रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में करीब 3.55 करोड़ बच्चे कुपोषण का शिकार हुए, जिनमें से लगभग एक करोड़ गंभीर कुपोषण की स्थिति में हैं। इसके अलावा 21 देशों में 92 लाख गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी कुपोषण से जूझ रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कुपोषण का असर केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को भी प्रभावित करता है। कई क्षेत्रों में बच्चों की स्थिति इतनी खराब है कि उनका जीवन स्तर तेजी से गिर रहा है।
भुखमरी से बढ़ा विस्थापन और स्वास्थ्य संकट
भुखमरी के चलते 2025 में करीब 8.5 करोड़ लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। इनमें से 74 प्रतिशत लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए। यह स्थिति 17 देशों में सबसे अधिक गंभीर रही।
रिपोर्ट यह भी चेतावनी देती है कि पर्याप्त पोषण न मिलने के कारण लोग टीबी जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। खासकर Gaza Strip, Myanmar और South Sudan जैसे क्षेत्रों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।


