दिल्ली के द्वारका में इस महीने की शुरुआत में हुए एक दर्दनाक SUV हादसे ने 23 साल के युवक की जान ले ली. इस हादसे ने न सिर्फ एक युवा की जिंदगी छीनी, बल्कि उसके और उसके परिवार के भविष्य के सपनों को भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया. 4 फरवरी की सुबह साहिल धनैशरा रोज़ की तरह ऑफिस जाने के लिए बाइक से निकले थे. तभी सामने से तेज़ रफ्तार में आ रही एक SUV ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी. इस भीषण टक्कर में साहिल की हालत गंभीर हो गई और बाद में उनकी मौत हो गई.
सोशल मीडिया रील के चक्कर में गई जान?
परिजनों का आरोप है कि SUV 19 साल का एक युवक चला रहा था, जो अपनी बहन के साथ सोशल मीडिया के लिए स्टंट वीडियो बना रहा था. साहिल की मां इन्ना मकान ने कहा कि SUV गलत दिशा में बहुत तेज़ रफ्तार से चल रही थी. वीडियो में साफ दिखता है कि गाड़ी लापरवाही से चलाई जा रही थी. बस के सामने अचानक स्टंट किया गया, तभी साहिल की बाइक से टक्कर हो गई. टक्कर के बाद भी SUV चालक ने ब्रेक नहीं लगाए और गाड़ी एक खड़ी कार से जा टकराई.
परिवार का सपने था विदेश भेजना
साहिल के दोस्तों के मुताबिक वह बेहद मेहनती और प्रेरणादायक इंसान था. उसके माता-पिता चाहते थे कि वह आगे पढ़ाई और करियर के लिए विदेश जाए. दोस्त बताते हैं कि साहिल ने मैनचेस्टर या जर्मनी जाने की योजना बनाई थी और उसने अपने दोस्तों से भी इस बारे में बात की थी. वह अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य बनाना चाहता था और दिन-रात मेहनत करता था.
बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने का आरोप
साहिल की मां ने इस हादसे को सिर्फ दुर्घटना नहीं, बल्कि एक आपराधिक कृत्य बताया है. उनका कहना है कि SUV चलाने वाला युवक नाबालिग था और उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था. इसके बावजूद उसके पिता ने उसे गाड़ी चलाने दी. पहले भी उसके खिलाफ ओवरस्पीडिंग के कई चालान कट चुके थे. मां का कहना है कि ऐसी लापरवाही की वजह से सड़कों पर कोई भी सुरक्षित नहीं है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
हादसे के बाद की लापरवाही के आरोप
मां ने बताया कि पुलिस से उन्हें फोन आया कि उनकी बाइक एक हादसे में मिली है. जब वह मौके पर पहुंचीं तो उनका बेटा सड़क पर पड़ा था और बाइक के तीन टुकड़े हो चुके थे. वहां एंबुलेंस खड़ी थी, लेकिन साहिल को तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया. करीब 10 मिनट तक चिल्लाने के बाद उसे बिना गर्दन को सहारा दिए उठाकर अस्पताल ले जाया गया, जिससे उनकी पीड़ा और बढ़ गई.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली सच्चाई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि टक्कर का असर बेहद गंभीर था. साहिल की खोपड़ी में फ्रैक्चर, कई पसलियों में टूट, फेफड़ों को नुकसान और अंदरूनी रक्तस्राव हुआ था. डॉक्टरों के अनुसार सिर और छाती की चोटें जानलेवा थीं. दिमाग में सूजन, खून का थक्का और भारी रक्तस्राव पाया गया. रिपोर्ट में साफ कहा गया कि यह एक तेज़ रफ्तार और भारी टक्कर वाला सड़क हादसा था.
न्याय की मांग
साहिल के दोस्त और परिवार आरोपी के लिए सख्त सजा की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार की वजह से एक निर्दोष युवक की जान चली गई. परिवार चाहता है कि यह मामला मिसाल बने ताकि भविष्य में कोई भी सोशल मीडिया के लिए स्टंट करने से पहले सौ बार सोचे.


