Rajpal Yadav तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए हैं. उन्हें 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस केस में 18 मार्च तक अंतरिम राहत मिली है. यह राहत Delhi High Court ने सोमवार को दी, कुछ दिन पहले ही राजपाल यादव ने बकाया रकम न चुका पाने के कारण पुलिस के सामने सरेंडर किया था. जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने देशभर के फैंस और बॉलीवुड से मिले समर्थन के लिए धन्यवाद दिया.
मीडिया से बातचीत में क्या बोले राजपाल यादव
न्यूज एजेंसी ANI द्वारा शेयर किए गए वीडियो में राजपाल यादव वकीलों से घिरे नजर आए. उन्होंने कहा कि वह मिले प्यार और सपोर्ट के लिए हमेशा आभारी रहेंगे. उन्होंने बताया कि साल 2027 में उनके बॉलीवुड करियर के 30 साल पूरे होंगे. राजपाल ने कहा कि देशभर से बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं का उन्हें साथ मिला है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके खिलाफ कोई आरोप हैं तो वह हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं. उन्होंने हाई कोर्ट का भी आभार जताया.
दिल्ली हाई कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत
सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस मामलों में राजपाल यादव की सजा को 18 मार्च तक के लिए निलंबित कर दिया और उन्हें जेल से रिहा करने का आदेश दिया. अदालत ने साफ किया कि यह राहत अस्थायी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले से जुड़े सवालों पर जवाब देंगे.
जमानत की शर्तें क्या रहीं
न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा ने अभिनेता को 18 मार्च तक अंतरिम जमानत दी. इसके लिए राजपाल यादव को 1 लाख रुपये का बेल बॉन्ड जमा करना पड़ा और एक जमानती भी देना पड़ा. इससे पहले कोर्ट ने अंतरिम जमानत के लिए 1.5 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था. शिकायतकर्ता कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स की ओर से वकील ने पुष्टि की कि चेक बाउंस की रकम कंपनी के खाते में जमा करा दी गई है, जिसके बाद जमानत मंजूर की गई.
18 मार्च तक जेल से बाहर रहेंगे
अदालत के आदेश के मुताबिक राजपाल यादव अगली सुनवाई यानी 18 मार्च तक जेल से बाहर रहेंगे. इस दौरान उनसे उम्मीद की जा रही है कि वह बाकी बकाया रकम चुका देंगे, ताकि दोबारा सजा से बचा जा सके. अगर तय समय में भुगतान नहीं हुआ तो उन्हें फिर से कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
पूरा मामला क्या है
यह मामला साल 2010 से जुड़ा है, जब राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म अता पता लापता के लिए दिल्ली की मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था. फिल्म 2012 में रिलीज हुई लेकिन बॉक्स ऑफिस पर असफल रही. इसके बाद लोन चुकाने में परेशानी आई और मामला कोर्ट तक पहुंच गया.
कोर्ट का फैसला और सजा
मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने अप्रैल 2018 में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया. शिकायतकर्ता को दिए गए सात चेक बाउंस हो गए थे. इसके बाद अभिनेता को छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई गई. साल 2019 की शुरुआत में सेशंस कोर्ट ने भी इस सजा को बरकरार रखा.
लगातार चूक पर सख्त रुख
अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने 75 लाख रुपये दो डिमांड ड्राफ्ट के जरिए जमा किए थे, लेकिन कोर्ट के मुताबिक बड़ी रकम अब भी बाकी थी. इसी महीने न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा ने सख्त टिप्पणी करते हुए अभिनेता को सरेंडर करने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि किसी को भी, चाहे वह सेलिब्रिटी ही क्यों न हो, बार बार राहत नहीं दी जा सकती. 4 फरवरी 2026 को कोर्ट ने एक हफ्ते की मोहलत की आखिरी अपील भी खारिज कर दी, यह कहते हुए कि राजपाल यादव पहले करीब 20 बार किए गए वादों को पूरा नहीं कर पाए हैं.


