पुणे जिले के शिवनेरी किला में शिवाजी जयंती के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इकट्ठा हुए, जिसके चलते वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कई लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं.
यह घटना उस समय हुई जब लोग ऐतिहासिक किले पर आयोजित कार्यक्रमों, पूजा-पाठ और श्रद्धांजलि समारोह में शामिल होने के लिए पहुंच रहे थे.
उमड़े कई श्रद्धालु
बताया जा रहा है कि कई लोग बुधवार रात से ही किले पर पहुंचने लगे थे. इनमें शिव ज्योत लेकर आने वाले श्रद्धालु और विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के सदस्य भी शामिल थे.
शिवाजी जयंती के कारण इस बार सामान्य से कहीं अधिक भीड़ उमड़ी, जिससे किले के मुख्य रास्तों और प्रवेश द्वारों पर भारी भीड़भाड़ हो गई.
अधिकारियों ने क्या कहा?
अधिकारियों के अनुसार मौके पर तैनात पुलिस बल अचानक बढ़ी भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं था. किले के संकरे प्रवेश और निकास मार्गों, खासकर हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजा के पास हालात ज्यादा गंभीर हो गए. जब एक ही समय पर कई समूह आगे बढ़ने लगे तो धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते भगदड़ मच गई.
घायलों का इलाज जारी
घटना के तुरंत बाद प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं एक्टिव हो गईं. पुलिस और स्थानीय अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया और घायलों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से जुन्नर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया. अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है.
प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान बेहतर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही है, ताकि इस तरह की घटनाए दोबारा न हो.


