पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने पूर्व ओएसडी के घर ईडी की छापेमारी और नकदी बरामदगी से जुड़े विवाद के बीच कांग्रेस के संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देने का ऐलान किया है. रावत के इस फैसले पर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि उन्हें जिस मामले को लेकर घेरा जा रहा है, उस पर रावत करीब 10 साल पहले ही कड़ी कार्रवाई कर चुके हैं.
हरीश रावत ने क्यों दिया इस्तीफा?
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी के सदस्य और कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी.
रावत ने कहा कि कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी, भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ रहा है. ऐसे समय में अगर पार्टी के किसी नेता या पदाधिकारी से जुड़ा विवाद इस अभियान को कमजोर करता है तो वह ऐसा नहीं चाहते. इसी नैतिक और सैद्धांतिक जिम्मेदारी के तहत उन्होंने अपने संगठनात्मक पद छोड़ने का फैसला किया है.
प्रदेश अध्यक्ष ने रावत का किया बचाव
हरीश रावत के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड कांग्रेस में सियासी हलचल तेज हो गई है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने रावत का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें ऐसे मामले में निशाना बनाया जा रहा है, जिस पर रावत करीब 10 साल पहले ही कठोर कार्रवाई कर चुके हैं.
गोदियाल के इस बयान के बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है. कांग्रेस की ओर से जहां रावत के फैसले को नैतिक जिम्मेदारी के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं पार्टी के भीतर इस मुद्दे को लेकर चर्चा भी तेज हो गई है.
कांग्रेस की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का दिया हवाला
रावत ने कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम को मजबूत बनाए रखना जरूरी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका फैसला किसी दबाव में नहीं बल्कि पार्टी और उसके राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति अपनी जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का विवाद कांग्रेस के भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष को कमजोर नहीं करना चाहिए. इसी वजह से उन्होंने संगठन के दोनों पदों से हटने का निर्णय लिया.
इस्तीफे से बढ़ी उत्तराखंड कांग्रेस की हलचल
हरीश रावत के इस कदम को कांग्रेस में नैतिक जिम्मेदारी लेने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, उनके इस्तीफे के बाद उत्तराखंड कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में भी नई चर्चा शुरू हो गई है. प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का बयान इस पूरे मामले में पार्टी की रणनीति और रावत के बचाव की दिशा को भी संकेत देता है.

