“यहां आसमान से आग बरस रही है. चारों तरफ डर और अफरा-तफरी का माहौल है. मेरे घर के पास ही 14 मिसाइलें गिरी हैं. समझ नहीं आ रहा बच्चों को लेकर कहां जाऊं. हर समय नए हमले का डर बना हुआ है.” बहरीन में रहने वाले मुस्तजाब ने रुड़की में अपने दोस्त को फोन पर यह दर्द और डर बताया. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने घरवालों को वहां की असली स्थिति नहीं बताई, ताकि वे और ज्यादा परेशान न हों.
अमेरिका और इजरायल के हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद मिडिल ईस्ट के कई देशों में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. इसका असर उत्तराखंड के परिवारों पर भी पड़ रहा है, क्योंकि यहां के कई लोग मिडिल ईस्ट में काम और पढ़ाई के लिए रहते हैं. ईरान ने इजरायल के साथ-साथ कुवैत, कतर, बहरीन, दुबई और सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया. इजरायल के तेल अवीव और हाइफा में भी धमाकों की खबर है. वहीं डीजीसीए ने भारतीय एयरलाइन कंपनियों को 2 मार्च तक 11 देशों के लिए उड़ान भरने से बचने की सलाह दी है.
परिजन अपनों के लिए परेशान
उत्तराखंड के कई शहरों के युवा और कामगार मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों में रहते हैं. युद्ध जैसे हालात बनने से उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है. परिजन लगातार अपने बच्चों और रिश्तेदारों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनके परिवार और ज्यादा परेशान हैं.
14 मिसाइलें गिरीं
रुड़की के रहने वाले मुस्तजाब पिछले 22 साल से बहरीन में रह रहे हैं. उनकी पत्नी और दो बच्चे भी वहीं रहते हैं. शनिवार को उन्होंने अपने दोस्त को फोन कर बताया कि अचानक मिसाइल हमले शुरू हो गए. उन्होंने कहा कि उनके घर से कुछ ही दूरी पर एक साथ 14 मिसाइलें गिरीं, जिससे पूरे इलाके में धुआं फैल गया और लोग डर गए.
मुस्तजाब ने बताया कि हमले के बाद लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं. शहर से बाहर निकलने वाले रास्तों पर लंबा जाम लगा है और पेट्रोल पंपों पर भी भीड़ है. उन्होंने कहा कि वे भी अपने परिवार के साथ जरूरी सामान लेकर सुरक्षित जगह जाने की कोशिश कर रहे हैं.
वहीं अबू धाबी में रहने वाले मोहम्मद ओसामा ने भी अपने रिश्तेदार को वीडियो कॉल पर बताया कि वहां लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है. उन्होंने बताया कि उनके कमरे से करीब एक किलोमीटर दूर जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद इलाके में डर का माहौल है.


