काबुल में हुए एक बड़े हमले को लेकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच विवाद बढ़ गया है. अफगान तालिबान सरकार का कहना है कि पाकिस्तान ने काबुल और नंगरहार में सैन्य कार्रवाई की, जिसमें काबुल के ओमर एडिक्शन ट्रीटमेंट अस्पताल को निशाना बनाया गया. इस हमले में करीब 400 लोगों की मौत हो गई और 250 से ज्यादा लोग घायल हुए.
वहीं पाकिस्तान ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ ज़ैदी ने कहा कि किसी भी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया. रक्षा मंत्रालय का कहना है कि हमला सिर्फ आतंकवादी ठिकानों और सैन्य ढांचे पर किया गया था, जो पाकिस्तान के खिलाफ हमलों में इस्तेमाल हो रहे थे.
चश्मदीदों ने PAK के दावों को बताया गलत
लेकिन काबुल के कई चश्मदीदों ने पाकिस्तान के इन दावों को गलत बताया है. उनके अनुसार, जब लोग अस्पताल में शाम की नमाज पढ़ रहे थे, तभी तीन जोरदार धमाके हुए. इनमें से दो धमाके अस्पताल के कमरों और मरीजों के वार्ड में हुए.
एक मरीज अहमद ने बताया कि पूरा अस्पताल आग की चपेट में आ गया. उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था जैसे कयामत आ गई हो. कई लोग आग में जल रहे थे और उन्हें बचाना मुश्किल हो गया था.
एक एंबुलेंस ड्राइवर हाजी फहीम ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो हर तरफ आग लगी हुई थी और लोग जल रहे थे. सुबह उन्हें फिर बुलाया गया क्योंकि मलबे के नीचे अभी भी कई शव दबे हुए थे.
अस्पताल की कई इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त
हमले में अस्पताल की कई इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं. कई जगह सिर्फ लकड़ी और लोहे का मलबा बचा है, जबकि बिस्तर, कंबल और लोगों का सामान इधर-उधर बिखरा हुआ मिला.
अफगान सरकार ने इस हमले की तुलना गाजा में इज़राइल की कार्रवाई से की है और इसे बेहद क्रूर बताया है. सरकार के प्रवक्ता हमदुल्लाह फ़ितरत ने कहा कि यह घटना शब-ए-क़द्र की रात हुई, जो इस हमले को और भी दुखद बनाती है.
इस घटना की आलोचना कई अफगान क्रिकेटरों ने भी की है. नवीन-उल-हक, राशिद खान और मोहम्मद नबी ने सोशल मीडिया पर इस हमले की निंदा करते हुए इसे बेहद दर्दनाक बताया.


