श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बदरीनाथ-केदारनाथ धाम यात्रा को लेकर नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करने की जानकारी दी है . इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यात्रा को व्यवस्थित बनाना और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देना है .
नई SOP के तहत मंदिर परिसर में फोटोग्राफी और वीडियो बनाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है . अधिकारियों का कहना है कि इससे भीड़ और अव्यवस्था को नियंत्रित किया जा सकेगा, क्योंकि पिछले वर्षों में कई ब्लॉगर और सोशल मीडिया क्रिएटर दर्शन स्थलों पर भीड़ बढ़ा देते थे, जिससे अन्य श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी .
मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक
इसके अलावा मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा . फिलहाल मंदिर से लगभग 50 से 60 मीटर के दायरे में मोबाइल ले जाने पर रोक लगाने की योजना बनाई गई है . इस नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए यात्रा शुरू होने से पहले अलग-अलग स्थानों पर साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को पहले से जानकारी मिल सके .
गैर-सनातनी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित
SOP में एक और महत्वपूर्ण निर्णय यह लिया गया है कि मंदिर के गर्भगृह और परिसर में गैर-सनातनी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा . बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि यह व्यवस्था नई नहीं है, बल्कि शंकराचार्य काल से ही चली आ रही परंपरा का हिस्सा है .
उन्होंने बताया कि सरकार और मंदिर समिति मिलकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि बदरीनाथ और केदारनाथ यात्रा को और सुगम और तेज बनाया जा सके . श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कई नए कदम उठाए जा रहे हैं .
तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष” का गठन
इसी क्रम में तीर्थ पुरोहितों के हितों को ध्यान में रखते हुए “तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष” का गठन भी किया गया है . इसका उद्देश्य यात्रा के दौरान पुरोहितों को आवश्यक सहयोग और सुविधाएं प्रदान करना है .
बीकेटीसी अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि नए रावल (मुख्य पुजारी) की नियुक्ति एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत होती है . यदि वर्तमान रावल त्यागपत्र देते हैं या पद खाली होता है, तभी नई नियुक्ति की जाती है . उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में उनका व्यक्तिगत रूप से कोई हस्तक्षेप नहीं होता .
कुल मिलाकर, नई SOP के जरिए मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखने, भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने की कोशिश की जा रही है .


