पड़ोसी देश पाकिस्तान इस समय एक जटिल स्थिति से गुजर रहा है. एक ओर वह ईरान से जुड़े क्षेत्रीय तनाव के बीच खुद को शांति के लिए मध्यस्थ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश के भीतर आर्थिक संकट और ईंधन की भारी कमी ने हालात को और गंभीर बना दिया है. पेट्रोल और डीजल की किल्लत के कारण अब पाकिस्तान की सरकार स्मार्ट लॉकडाउन जैसे कदम पर विचार कर रही है. इस बीच पाकिस्तानी मीडिया में एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के लीक होने से हलचल तेज हो गई है.
लीक हुए ड्राफ्ट के अनुसार, पूरे देश में दो दिनों का स्मार्ट लॉकडाउन लागू किया जा सकता है. प्रस्ताव के मुताबिक यह लॉकडाउन शनिवार आधी रात 12 बजकर 1 मिनट से शुरू होकर रविवार रात 11 बजकर 59 मिनट तक प्रभावी रह सकता है. हालांकि पाकिस्तान सरकार ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और जो दस्तावेज सामने आया है वह केवल ड्राफ्ट है, न कि आधिकारिक आदेश.
स्मार्ट लॉकडाउन लागू किया जाएगा
सरकार द्वारा प्रांतों को भेजे गए इस प्रस्ताव में कहा गया है कि अगर सभी पक्ष सहमत होते हैं, तभी स्मार्ट लॉकडाउन लागू किया जाएगा. इस प्रस्ताव के तहत देशभर में बाजार, दुकानें, दफ्तर और सभी व्यावसायिक गतिविधियां अस्थायी रूप से बंद की जा सकती हैं. इसके अलावा शादी समारोह, सार्वजनिक कार्यक्रम और किसी भी तरह के सामाजिक आयोजन पर भी रोक लगाने की बात कही गई है. सरकार इस कदम को 4 अप्रैल से लागू करने पर विचार कर रही है.
परिवहन व्यवस्था को लेकर भी प्रावधान
ड्राफ्ट में परिवहन व्यवस्था को लेकर भी सख्त प्रावधान सुझाए गए हैं. इसके तहत मोटरवे, इंटरसिटी रोड और हाईवे तक बंद किए जा सकते हैं. निजी वाहनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने का प्रस्ताव है, जिससे आम नागरिकों को यात्रा के लिए सरकारी बसों पर निर्भर रहना पड़ सकता है. इस तरह के कदम से सरकार ईंधन की खपत को नियंत्रित करना चाहती है.
पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल का संकट लगातार गहराता जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण देश अपनी जरूरत के अनुसार तेल खरीद पाने में कठिनाई का सामना कर रहा है. आर्थिक तंगी और विदेशी मुद्रा भंडार की कमी ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है. ऐसे में स्मार्ट लॉकडाउन जैसे उपायों पर विचार सरकार की मजबूरी को भी दर्शाता है.


