Pauri Garhwal जिले के विकासखंड थलीसैंण में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उन छात्राओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने-अपने विद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरित करना था। अधिकारियों ने कहा कि बेटियों की शिक्षा ही समाज और प्रदेश के विकास की असली नींव है, इसलिए उन्हें हर स्तर पर प्रोत्साहित करना आवश्यक है।
अधिकारियों ने दिया शिक्षा का संदेश
कार्यक्रम के दौरान उपजिलाधिकारी थलीसैंण के निर्देशों के तहत अधिकारियों ने छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा ही सफलता की कुंजी है और हर छात्रा को अपने लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। अभिभावकों से भी अपील की गई कि वे अपनी बेटियों की शिक्षा में पूरा सहयोग दें और उन्हें हर संभव अवसर प्रदान करें।
अभिभावकों की भूमिका और जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बालिकाओं की शिक्षा केवल स्कूल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि घर और समाज दोनों का सहयोग जरूरी है। अभिभावकों को बताया गया कि यदि वे अपनी बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर देंगे तो समाज में बड़ा सकारात्मक बदलाव आएगा।
बाल विकास परियोजना अधिकारी पूजा रावत ने कहा कि विभाग समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा ताकि बालिकाओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता बनी रहे और वे अपने सपनों को साकार कर सकें।
भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे कार्यक्रम
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ केवल एक योजना नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है, जिसे हर घर तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन किए जाएंगे ताकि बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अधिक से अधिक अवसर मिल सके।
इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत दीपक प्रताप, कानूनगो जयप्रकाश शाह, सुपरवाइजर पूजा रावत, पटवारी हरेंद्र चौहान सहित कई अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएं और अभिभावक उपस्थित रहे।


