अबू धाबी: Etihad Airways द्वारा अबू धाबी में 15 पाकिस्तानी कर्मचारियों को अचानक नौकरी से निकाले जाने और 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने के आदेश ने खाड़ी देशों में काम कर रहे प्रवासी समुदाय के बीच चिंता बढ़ा दी है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब Pakistan पहले से ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों को सामान्य एचआर प्रक्रिया के बजाय सीधे इमिग्रेशन कार्यालय बुलाया गया, जहां उन्हें 48 घंटे के भीतर United Arab Emirates छोड़ने का आदेश दिया गया।
निकाले गए कर्मचारियों में लंबे समय से सेवा दे रहे अनुभवी प्रोफेशनल भी शामिल हैं, जिनमें एक कर्मचारी लगभग 20 वर्षों से एयरलाइन से जुड़ा था। इतनी कम समयसीमा ने उनके लिए आर्थिक और पारिवारिक व्यवस्थाएं करना बेहद मुश्किल बना दिया है।
कारणों पर सस्पेंस कायम
एतिहाद एयरवेज की ओर से इस कार्रवाई के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। आमतौर पर एविएशन सेक्टर में कर्मचारियों की छंटनी होती रहती है, लेकिन इस मामले में इमिग्रेशन अधिकारियों की सीधी भूमिका और तत्काल देश छोड़ने का आदेश इसे सामान्य प्रक्रिया से अलग बनाता है।
राजनयिक संकेत भी माने जा रहे
विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला सिर्फ रोजगार से जुड़ा नहीं है, बल्कि UAE और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में आई ठंडक का संकेत भी हो सकता है।
जिस तरह से यह कार्रवाई की गई, उसे अबू धाबी के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
पाकिस्तान के लिए बढ़ती चिंता
खाड़ी देशों में काम करने वाले पाकिस्तानी श्रमिक लंबे समय से देश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम रहे हैं। ऐसे घटनाक्रम न केवल प्रवासी कामगारों की सुरक्षा पर सवाल उठाते हैं, बल्कि पाकिस्तान की आर्थिक निर्भरता और कमजोर होती वैश्विक स्थिति को भी उजागर करते हैं।
यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलते समीकरणों का असर सीधे आम नागरिकों पर पड़ रहा है।


