देहरादून: उत्तराखंड में मौसम का तल्ख मिजाज लोगों के लिए आफत बन गया है। पहाड़ से लेकर मैदान तक झमाझम बारिश, ओलावृष्टि और तेज अंधड़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई जिलों में बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है, जबकि किसानों की खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार के लिए भी प्रदेशभर में खराब मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। Dehradun समेत टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और अंधड़ को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आकाशीय बिजली गिरने और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
आंधी-तूफान से भारी नुकसान
रविवार को प्रदेशभर में सुबह से ही घने बादल छाए रहे और दोपहर बाद कई इलाकों में तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई।
देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में तेज अंधड़ के कारण पेड़ और बिजली के पोल गिर गए, जिससे व्यापक नुकसान हुआ।
Pauri Garhwal में आंधी-तूफान से कई जगह पेड़ गिरने के कारण संपत्ति को नुकसान पहुंचा और 12 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति ठप रही, जिससे पेयजल संकट भी गहरा गया।
पहाड़ों में बर्फबारी, मैदानों में ओलावृष्टि
Chamoli जिले में बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब और औली-गौरसों जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई, जबकि निचले इलाकों में ओलावृष्टि हुई।
टिहरी और उत्तरकाशी जिलों में भी तेज हवाओं और ओलों से फसलों को नुकसान पहुंचा है।
कुमाऊं में बिजली और यातायात प्रभावित
कुमाऊं क्षेत्र में भी खराब मौसम का असर देखने को मिला। बागेश्वर और अल्मोड़ा में पेड़ गिरने से बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा, जिससे कई क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित रही।
भूस्खलन के कारण कई मार्ग अवरुद्ध हो गए, जिससे लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ा।
दो दिन और खराब रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गर्जन के साथ वर्षा और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।


