उत्तर प्रदेश में बढ़ते इन्फ्लुएंजा-A (H1N1) के मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में H1N1 की जांच मुफ्त की जाएगी। बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निगरानी और इलाज की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
यूपी में 685 H1N1 केस की पुष्टि
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि बुधवार तक प्रदेश में 685 लैब टेस्ट से पुष्टि किए गए H1N1 मामले सामने आ चुके हैं। जिन जिलों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वहां निगरानी बढ़ाने और तुरंत जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है।
निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों को भी निर्देश दिया गया है कि वे H1N1 टेस्ट के लिए निर्धारित शुल्क से ज्यादा पैसा न लें।
अस्पतालों में अलग व्यवस्था के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं, जांच और आइसोलेशन की व्यवस्था रखने के साथ गंभीर मरीजों के लिए अलग ICU वार्ड तैयार रखने को कहा है। फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों के लिए अलग काउंटर और OPD की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
हल्के लक्षण वाले मरीजों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार घर पर आराम और आइसोलेशन की सलाह दी जाएगी, जबकि गंभीर मरीजों को तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
इन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत
बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 साल से अधिक उम्र के लोगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, अत्यधिक नींद या कमजोरी, लो ब्लड प्रेशर, खून वाला बलगम और नाखूनों का नीला पड़ना गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं। बच्चों में लगातार तेज बुखार, खाना न खा पाना, दौरे और तेज या मुश्किल से सांस लेना खतरे के संकेत माने गए हैं।
दवाओं और टेस्टिंग की पर्याप्त व्यवस्था
सरकार के मुताबिक, अस्पतालों में Oseltamivir, H1N1 वैक्सीन और अन्य जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। जिला अस्पतालों में फ्लू हेल्प डेस्क, सैंपल कलेक्शन सेंटर और अलग फ्लू OPD की व्यवस्था है। मेडिकल कॉलेजों में RT-PCR किट, जांच सुविधाएं और आइसोलेशन बेड उपलब्ध हैं।
क्या हैं H1N1 के लक्षण?
H1N1 मुख्य रूप से खांसने और छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए फैलता है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, ठंड लगना और आंखों का लाल होना शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने लोगों से संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने और अफवाहों से बचने की अपील करते हुए अधिकारियों को अनावश्यक डर का माहौल न बनने देने के निर्देश दिए हैं।


