मानसून की विदाई से पहले देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों तक बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 8 सितंबर को कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने को लेकर अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में मौसम खराब रहने का अनुमान है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है। वहीं पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।
बंगाल की खाड़ी में सिस्टम का असर
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसम सिस्टम का असर पूर्वी भारत के कई राज्यों में देखने को मिल सकता है। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। सौराष्ट्र और आसपास भी ऐसा ही सिस्टम सक्रिय है।
इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। 8 से 11 सितंबर के बीच कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी दिल्ली में 8 सितंबर को आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में भी दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। तेज हवा की स्थिति में पेड़, बिजली के तार और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखना जरूरी होगा।
यूपी में 70 KM की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 8 सितंबर को भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। खीरी, बहराइच, बलरामपुर, आगरा, कानपुर, सीतापुर, हरदोई, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, गोंडा, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया और गोरखपुर में मौसम खराब रहने की संभावना है।
इन इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बारिश और तेज हवाओं के दौरान किसानों को खेतों में खड़ी फसलों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बिजली गिरने की आशंका वाले इलाकों में खुले स्थानों पर जाने से बचना जरूरी है।
बिहार में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट
बिहार में भी 8 सितंबर को मौसम सक्रिय रहने वाला है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, गया, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, अररिया, किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया और बेगूसराय में भारी बारिश और आंधी की संभावना है।
इन इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पटना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।
झारखंड में 50 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
झारखंड के कई जिलों में भी 8 सितंबर को बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। जमशेदपुर, दुमका, पलामू, चतरा, बोकारो, देवघर, गुमला, गोड्डा, हजारीबाग और पश्चिमी व पूर्वी सिंहभूम में मौसम खराब रहने की संभावना है।
यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। रांची में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश का दौर
पश्चिम बंगाल के कई जिलों में 8 सितंबर को भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। हावड़ा, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, पश्चिम मेदिनीपुर, पुरबा बर्द्धमान, बांकुड़ा, अलीपुरद्वार, दार्जिलिंग, कूचबिहार, दुर्गापुर, बीरभूम और कोलकाता में मौसम बिगड़ सकता है।
इस दौरान करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। कोलकाता में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
राजस्थान में भी बारिश और तेज हवाओं का असर
राजस्थान में मानसून अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। बारां, सवाई माधोपुर, चूरू, कोटा, करौली, धौलपुर, उदयपुर, भरतपुर और जयपुर में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
इन क्षेत्रों में करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। जयपुर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
पंजाब-हरियाणा में भी बदलेगा मौसम
पंजाब के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। फिरोजपुर, संगरूर, होशियारपुर, कपूरथला, चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, गुरदासपुर, बठिंडा, बरनाला और फरीदकोट में मौसम खराब हो सकता है।
यहां करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। हरियाणा और दिल्ली से सटे इलाकों में भी बादल, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा
उत्तराखंड में अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, नैनीताल, ऋषिकेश, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और हरिद्वार में भारी बारिश और आंधी की संभावना है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़कें बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है। यात्रियों को संवेदनशील मार्गों पर निकलने से पहले मौसम का अपडेट जरूर देखना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, किन्नौर, चंबा, सोलन, हमीरपुर और बिलासपुर में भी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। वहीं जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग, कुपवाड़ा, जम्मू, पुंछ, रियासी, किश्तवाड़ और बारामूला समेत कई इलाकों में बारिश और आंधी का असर रह सकता है।
पूर्वोत्तर में भारी बारिश और बिजली का अलर्ट
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में आने वाले दिनों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। 8 से 11 सितंबर के बीच इन राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है।
अरुणाचल प्रदेश में 8-9 सितंबर और 11-13 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 8 से 13 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
दक्षिण भारत में भी बारिश जारी
आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 8 से 13 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 8-9 सितंबर तथा 13 सितंबर को बारिश की संभावना है।
10 से 12 सितंबर के बीच केरल और माहे में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं और कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 8 से 11 सितंबर के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
तेज बारिश और आंधी के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोग भूस्खलन संभावित रास्तों से बचें और नदी-नालों के आसपास जाने से परहेज करें। किसानों को भी खेतों में काम करने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देख लेना चाहिए।


