राज्य परिवहन प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बस और वैन के लिए जो किराया तय किया गया है, वह अधिकतम सीमा है. इससे ज्यादा शुल्क लेना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा.
कम किराया जारी रह सकता है
अगर किसी स्कूल में पहले से कम किराया लिया जा रहा है और अभिभावक व स्कूल प्रबंधन दोनों सहमत हैं, तो किराया बढ़ाना जरूरी नहीं है. इस फैसले से अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है.
स्कूलों को देना होगा पूरा विवरण
स्कूल प्रबंधन को हर बस के रूट, स्टॉपेज और दूरी के अनुसार तय किराया सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना होगा. इससे पारदर्शिता बनी रहेगी.
वैन संचालकों पर भी सख्ती
वैन ऑपरेटरों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित दरों से ज्यादा किराया नहीं वसूलेंगे. चेकिंग के दौरान उन्हें रसीद दिखाना अनिवार्य होगा.
बसों का मासिक किराया (अधिकतम)
- 1–10 किमी: ₹2200
- 10–20 किमी: ₹2700
- 20–30 किमी: ₹3200
- 30 किमी से अधिक: ₹3700
वैन का मासिक किराया (अधिकतम)
- 1–5 किमी: ₹2100
- 5–10 किमी: ₹2500
- 10–20 किमी: ₹3000
- 20 किमी से अधिक: ₹3500
कुल मिलाकर, इस फैसले से किराए को लेकर भ्रम दूर हुआ है और यह सुनिश्चित किया गया है कि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े.


