02 मई 2026 को जनपद भ्रमण के दौरान राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त एवं सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने नगर निगम कोटद्वार सभागार में एक अहम बैठक की . बैठक में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं, हितों और सरकारी योजनाओं की समीक्षा की गई.
लंबे समय से कार्यरत कर्मियों के नियमितीकरण पर जोर
बैठक में उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जो सफाई कर्मचारी 10 साल से अधिक समय से कार्य कर रहे हैं, उनका नियमितीकरण शासन के नियमों के अनुसार किया जाएगा. इससे कर्मचारियों को स्थिरता और सुरक्षा मिलेगी.
योजनाओं की जानकारी के लिए कैंप लगाने के निर्देश
समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिए गए कि वे कैंप लगाकर सफाई कर्मचारियों को सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दें . उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचे .
स्वच्छता अभियान से मिली बड़ी राहत
उन्होंने बताया कि स्वच्छता अभियान के चलते देशभर में ड्राई शौचालय खत्म किए गए हैं और करोड़ों नए शौचालय बनाए गए हैं . इससे सफाई कर्मचारियों के काम में सुधार आया है और कई गांव व जिले ओडीएफ घोषित हो चुके हैं .
आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण पर फोकस
केंद्र सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों को आर्थिक सहायता और कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें . स्वरोजगार के लिए ऋण योजनाएं भी चलाई जा रही हैं .
बीमा, पीपीई किट और मानदेय में बढ़ोतरी
नमस्ते योजना के तहत सफाई कर्मचारियों को पीपीई किट दी गई हैं . इसके साथ ही अब कर्मचारियों को 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर भी मिल रहा है . मृतक आश्रितों को नौकरी और मानदेय में बढ़ोतरी से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है .
अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में नगर आयुक्त, उपजिलाधिकारी, पेयजल विभाग के अधिकारी, परिवहन विभाग और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे. सभी ने मिलकर समस्याओं के समाधान पर चर्चा की.


