देहरादून जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. ऋषिकेश के बनखंडी क्षेत्र में एक वाहन में अवैध गैस रिफिलिंग की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की गई.
जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए. जांच में पाया गया कि संबंधित वाहन ऋषिकेश स्थित अंकुर गैस एजेंसी, प्रगतिविहार से जुड़ा हुआ है. इसके बाद एजेंसी का औचक निरीक्षण किया गया.
एजेंसी की भूमिका संदिग्ध
जांच के दौरान यह सामने आया कि वाहन चालक योगेंद्र कुमार और उसके सहयोगी आशीष को वीडियो सामने आने के बाद हटाया गया, लेकिन एजेंसी के पास उनके सत्यापन या नियुक्ति से जुड़े कोई दस्तावेज मौजूद नहीं थे.
इसके अलावा 12 अप्रैल 2026 तक उक्त वाहन को गैस सिलेंडर की आपूर्ति जारी रहने से एजेंसी की भूमिका संदिग्ध मानी गई.
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज
मामले में वाहन चालक योगेंद्र कुमार, सहयोगी आशीष और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और भारतीय न्याय संहिता के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
सभी एजेंसियों को चेतावनी
जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने कर्मचारियों का सत्यापन सुनिश्चित करें और वितरण प्रणाली को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित करें. किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
क्यूआरटी टीमों को सख्त निर्देश
क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) को लगातार निगरानी रखने और एजेंसियों पर तैनात कर्मचारियों के सत्यापन की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. वितरण व्यवस्था पर भी पैनी नजर रखी जा रही है.
कंट्रोल रूम में मिल रही शिकायतें
जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम में एलपीजी आपूर्ति को लेकर अब तक 12 शिकायतें दर्ज की गई हैं. प्रशासन द्वारा 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर शिकायतें दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की जा रही है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 16,275 घरेलू और 817 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है.
वर्तमान में घरेलू एलपीजी के 28,937 और व्यावसायिक के 4,745 सिलेंडर स्टॉक में उपलब्ध हैं. प्रशासन द्वारा गैस की आपूर्ति लगातार बढ़ाई जा रही है.
प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि उपभोक्ताओं के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.


