देहरादून में पटेल नगर कोतवाली पुलिस ने हरभजवाला क्षेत्र में चल रहे कथित सेक्स रैकेट का खुलासा किया है। नीलकंठ एन्क्लेव स्थित एक किराये के मकान में चल रहे देह व्यापार के मामले में पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत तीन पुरुषों और तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान मौके से एक किशोरी को भी रेस्क्यू किया गया।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी मनीष लखेड़ा ने नीलकंठ एन्क्लेव में मकान किराये पर लिया था। आरोप है कि वह दिल्ली और आसपास के इलाकों से मांग के आधार पर युवतियों को देहरादून बुलाता था। ग्राहकों को WhatsApp के जरिए युवतियों की तस्वीरें भेजी जाती थीं। पसंद आने के बाद उन्हें किराये के कमरे या ग्राहक की ओर से बताए गए पते पर भेजने का आरोप है।
किशोरी को मसूरी घुमाने का दिया था झांसा
पुलिस के अनुसार, गिरोह के आरोपी अभिषेक ने एक किशोरी को मसूरी घुमाने का झांसा देकर दिल्ली से देहरादून बुलाया था। आरोप है कि देहरादून पहुंचने के बाद किशोरी पर देह व्यापार में शामिल होने का दबाव बनाया गया। इनकार करने पर उसे कथित तौर पर बंधक बना लिया गया। पुलिस कार्रवाई के दौरान किशोरी को वहां से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
गुरुवार रात हुई कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 18 हजार रुपये के अलावा आपत्तिजनक दवाइयां और अन्य सामग्री बरामद करने की बात कही है। गिरफ्तार आरोपियों में मनीष, अभिषेक और भानू के अलावा दिल्ली की तीन महिलाएं शामिल हैं।
पटेल नगर कोतवाली के इंस्पेक्टर नरेश राठौर के मुताबिक, मामले में आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, अनैतिक देह व्यापार अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
देहरादून में अवैध कॉल सेंटर का भी खुलासा
देहरादून में एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस ने जीएमएस रोड स्थित एक कॉल सेंटर में चल रहे कथित साइबर ठगी के नेटवर्क का भी खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यहां अवैध सिम बॉक्स के जरिए बैंक ग्राहकों को फोन कर धमकाया और उनके साथ धोखाधड़ी की जाती थी।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के मुताबिक, सिंह एसेट रिकॉन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय में यह गतिविधि चल रही थी। शुक्रवार को की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 32 स्लॉट वाले एक कथित अवैध सिम बॉक्स का इस्तेमाल पकड़ा।
बैंक ग्राहकों को फोन कर बनाते थे दबाव
पुलिस के अनुसार, आरोपी कॉलर की पहचान छिपाने और दूरसंचार नियमों से बचने के लिए निजी मोबाइल नंबरों से ग्राहकों को कॉल करते थे। आरोप है कि वे SBI, Bank of Baroda, Axis Bank समेत अन्य बैंकों के ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड के फायदे और बकाया रकम जमा करने के नाम पर फोन करते थे।
ग्राहकों पर दबाव बनाने के लिए कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस का आरोप है कि डर के कारण कुछ ग्राहक अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी और रकम आरोपियों को दे देते थे।
कार्रवाई के दौरान महोबा, उत्तर प्रदेश निवासी लक्ष्मण प्रसाद और नई दिल्ली निवासी रीजनल मैनेजर जगमोहन सिंह रावत को गिरफ्तार किया गया। दोनों के खिलाफ साइबर पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, इस कॉल सेंटर में करीब 39 युवक-युवतियों को कमीशन के आधार पर कॉलिंग के लिए रखा गया था। मामले में पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पूरे कामकाज की भी जांच कर रही है।


