पीएम Narendra Modi मंगलवार को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के दौरे पर रहेंगे, जहां वे बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे. इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून का सफर अब महज ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा.
करीब 213 किलोमीटर लंबा यह छह लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है. इसके बनने से दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रा समय लगभग छह घंटे से घटकर ढाई घंटे रह जाएगा.
कितने हैं एंट्री-एग्जिट प्वाइंट
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कुल 16 एंट्री-एग्जिट प्वाइंट बनाए गए हैं. इनमें से 5 प्वाइंट दिल्ली में हैं, जबकि बाकी उत्तर प्रदेश में स्थित हैं. इसके अलावा पूरे कॉरिडोर में 12 प्रमुख एंट्री-एग्जिट प्वाइंट भी चिन्हित किए गए हैं, जो बड़े शहरों और कस्बों को जोड़ते हैं.
कहां से शुरू होता है एक्सप्रेसवे
इस कॉरिडोर की शुरुआत दिल्ली में Akshardham Temple के पास से होती है. इसके बाद यह गीता कॉलोनी, शास्त्री पार्क, खजूरी खास, सोनिया विहार और मंडोला-लोनी बॉर्डर होते हुए उत्तर प्रदेश में प्रवेश करता है.
ये हैं प्रमुख इंटरचेंज
इस इकोनॉमिक कॉरिडोर में कुल 7 प्रमुख इंटरचेंज बनाए गए हैं. इनमें खेकड़ा (बागपत ईस्टर्न बायपास के पास), लोहड्डा (बड़ौत ईस्टर्न बायपास), करौंदा महाजन (NH-709A कनेक्शन), करोड़ा हाथी (पानीपत-नगीना हाईवे), हल्गोया (सहारनपुर-हरिद्वार एक्सप्रेसवे कनेक्शन) शामिल हैं.
देहरादून से कहां जुड़ेगा
देहरादून की तरफ यह एक्सप्रेसवे अशारोड़ी और Rajaji National Park क्षेत्र के पास एंट्री-एग्जिट देता है. इसके आगे यह चारधाम हाईवे से भी कनेक्ट हो जाता है, जिससे यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी.
कनेक्टिविटी और विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस कॉरिडोर के शुरू होने से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. दिल्ली से देहरादून, हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचना अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और सुविधाजनक हो जाएगा.


