14 अप्रैल को नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए इस एक्सप्रेसवे की दीवार में दरार पड़ गई। यह 213 किमी लंबा प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की बड़ी उपलब्धियों में गिना जा रहा था।
थाने के सामने फ्लाईओवर की दीवार में गैप बढ़ने से झुकाव आ गया।
- राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तुरंत 20 एंकर प्लेट्स लगाईं
- फिलहाल दरार बढ़ने से रोकी गई
- विशेषज्ञों के मुताबिक यह केवल अस्थायी समाधान
नई दीवार में पुरानी तकनीक पर सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि एंकर प्लेट्स आमतौर पर 50-100 साल पुरानी या कमजोर संरचनाओं में इस्तेमाल होती हैं, नई बनी दीवार में नहीं। इससे निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय दुकानदारों में डर का माहौल
दीवार के पास दुकानदारों—रोजी सैनी, मनीष शर्मा और आशीष अग्रवाल—ने चिंता जताई है।
- दीवार गिरने का खतरा
- दुकानों और जान-माल को नुकसान की आशंका
- स्थायी समाधान की मांग
पहले भी कमजोर मिले थे पिलर
गणेशपुर से आसारोड़ी के बीच 12 किमी एलिवेटेड रोड के 24 पिलर पहले भी कमजोर पाए गए थे।
- बाद में इन पिलरों को ‘जैकेट’ पहनाकर मजबूत किया गया
- यह रोड कुल 575 पिलरों पर बनी है
अधिकारियों का पक्ष
एनएचएआई के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर सचिन शर्मा के अनुसार:
“जहां ऐसी संभावनाएं होती हैं, वहां एंकर प्लेट्स लगाकर ढांचे को मजबूत किया जाता है।”


