पौड़ी गढ़वाल में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रभावी क्रियान्वयन और खाद्य कारोबारियों को नवीन नियमों एवं प्रावधानों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम विकासखंड पौड़ी के सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में खाद्य व्यवसाय संचालकों, स्थानीय व्यापारियों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग पी.सी. जोशी ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006, पैकेजिंग एवं लेबलिंग विनियम, खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण से जुड़े नियमों तथा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा जारी नवीन प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखना और निर्धारित मानकों का पालन करना उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है.
उन्होंने खाद्य कारोबारियों से अपील की कि वे लाइसेंस और पंजीकरण की अनिवार्यता का पालन करें तथा खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, उचित पैकेजिंग और सही लेबलिंग सुनिश्चित करें. उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने से न केवल उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है, बल्कि व्यवसाय की विश्वसनीयता भी मजबूत होती है.
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों की विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान किया गया और उन्हें खाद्य सुरक्षा से संबंधित नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया. इस अवसर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी रचना लाल ने खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में स्वच्छता और हाइजीन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, निर्माण और विक्रय के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी.
गोष्ठी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिलाओं और स्थानीय व्यापारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य खाद्य कारोबारियों को जागरूक बनाना और उपभोक्ताओं तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना रहा.


