ग्रेटर नोएडा के गलगोटियास यूनिवर्सिटी को चीन से खरीदे गए रोबोट डॉग को अपना बनाया हुआ बताने के आरोपों के बाद भारी आलोचना का सामना करना पड़ा. इसके एक दिन बाद सरकार ने यूनिवर्सिटी को भारत मंडपम में चल रहे इंडिया AI एक्सपो, जो एआई इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित हो रहा है से अपना स्टॉल तुरंत खाली करने को कहा है.
सूत्रों के अनुसार, गलगोटियास यूनिवर्सिटी को AI समिट एक्सपो से तुरंत हटने के निर्देश दिए गए हैं.
या है पूरा मामला?
इंडिया एआई एक्सपो के दूसरे दिन मंगलवार को एक फैकल्टी सदस्य ने एक व्यावसायिक रूप से उपलब्ध चीनी रोबोट को संस्थान की खुद की उपलब्धि के रूप में पेश किया, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ. बाद में यूनिवर्सिटी ने सफाई देते हुए कहा कि उसने कभी यह दावा नहीं किया कि उसने यह रोबोट खुद बनाया है.
यूनिवर्सिटी ने इस रोबोट डॉग को ‘ओरियन’ नाम से पेश किया और इसे अपने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का प्रोडक्ट बताया. इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय सहित कई सरकारी सोशल मीडिया हैंडल्स ने भी इस रोबोट का वीडियो साझा किया.
चीनी कंपनी बनाती है रोबोट
हालांकि कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया यूजर्स ने पहचान लिया कि यह रोबोट दरअसल Unitree Go2 है, जिसे चीनी रोबोटिक्स कंपनी Unitree Robotics बनाती है और जिसकी कीमत करीब 1600 डॉलर है. कुछ लोगों ने यह भी बताया कि रोबोट पर असली निर्माता की ब्रांडिंग भी साफ दिखाई दे रही थी. यूनिवर्सिटी ने अलग से यह दावा भी किया था कि उसने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर 350 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है.
सोशल मीडिया पर विरोध
सोशल मीडिया पर तुरंत विरोध शुरू हो गया. लोगों ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी ने बाजार में उपलब्ध प्रोडक्ट को नया नाम देकर पेश किया और राष्ट्रीय मीडिया तथा सरकारी अधिकारियों के सामने गलत तरीके से प्रदर्शित किया. चीनी सोशल मीडिया अकाउंट्स ने भी इस खबर को उठाया, जिससे मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया.

यूनिवर्सिटीका का बयान आया सामने
बाद में गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने एक्स पर बयान जारी करते हुए पहले की प्रस्तुति से पीछे हटते हुए कहा कि उसने यह रोबोडॉग न तो बनाया है और न ही ऐसा दावा किया है. यूनिवर्सिटी ने कहा कि हम ऐसे दिमाग तैयार कर रहे हैं जो भविष्य में इसी तरह की तकनीक भारत में डिजाइन और निर्माण करेंगे.
यूनिवर्सिटी ने आगे कहा कि अमेरिका से लेकर चीन और सिंगापुर तक, दुनिया भर की नई तकनीकों को कैंपस में लाया जाता है ताकि छात्रों को exposure मिल सके. उनका कहना था कि यह रोबोडॉग सिर्फ प्रदर्शन की मशीन नहीं बल्कि चलती फिरती क्लासरूम है, जिसे हाल ही में यूनिट्री से खरीदा गया है.


