उत्तराखंड की राजधानी Dehradun में इस बार गर्मी ने अपने तेवर कुछ इस तरह दिखाए हैं कि प्रशासन को अभूतपूर्व फैसला लेना पड़ा। सोमवार को जारी हीटवेव अलर्ट को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों और कक्षा 1 से 12 तक के सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया है। आमतौर पर देहरादून में स्कूलों की छुट्टी बारिश या सर्दी के मौसम में होती रही है, लेकिन गर्मी के कारण ऐसा फैसला पहली बार देखने को मिला है.
प्रशासन का यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार को पूरे दिन तेज गर्मी और लू चलने की संभावना जताई गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने रविवार दोपहर को ही आदेश जारी कर दिए, ताकि अभिभावकों और स्कूल प्रशासन को समय रहते जानकारी मिल सके।
इतिहास में पहली बार गर्मी के कारण अवकाश
राज्य गठन के बाद के वर्षों में देहरादून का मौसम अपेक्षाकृत संतुलित माना जाता रहा है। लेकिन पिछले कुछ समय से यहां मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां हल्की बारिश और ठंडी हवाएं आम बात थीं, अब उनकी जगह चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने ले ली है। यही वजह है कि इस बार प्रशासन को भी गर्म प्रदेशों की तरह लू से बचाव के लिए स्कूल बंद करने का निर्णय लेना पड़ा।
पहले से जारी थे सुरक्षा निर्देश
जिलाधिकारी ने बताया कि सभी स्कूलों को पहले ही निर्देश दिए जा चुके थे कि परिसर में पर्याप्त मात्रा में ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा शहर में लगे सार्वजनिक प्याऊ और वाटर कूलर की नियमित जांच के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं, ताकि आम लोगों को गर्मी से राहत मिल सके।
बढ़ती गर्मी से जनजीवन प्रभावित
देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में इस समय तापमान सामान्य से काफी ऊपर चल रहा है। तेज धूप और लू के चलते दिन के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले दिनों में और कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं।
बच्चों और अभिभावकों को राहत
स्कूलों में अवकाश की घोषणा से बच्चों और अभिभावकों को राहत मिली है। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि यह फैसला फिलहाल एक दिन के लिए ही लिया गया है और आगे की स्थिति मौसम के अनुसार तय की जाएगी.


