समुद्र में गायब होती दिखती हैं पटरियां…भारत में एक ऐसा रेलवे ट्रैक है जिसे देखकर पहली नजर में लगता है कि ट्रेन सीधे समुद्र में जा रही है. यह अनोखा रेल मार्ग Pamban Bridge के जरिए मुख्य भूमि को Rameswaram द्वीप से जोड़ता है. कई बार ज्वार-भाटा के कारण ऐसा दृश्य बनता है कि पटरियां पानी में डूबती हुई नजर आती हैं.
भारत का पहला समुद्री रेल पुल
Pamban Bridge देश का पहला समुद्र के ऊपर बना रेलवे पुल है, जिसे साल 1914 में तैयार किया गया था. यह पुल चारों तरफ से समुद्र से घिरा हुआ है, जिससे यहां से गुजरने वाली ट्रेन यात्रा बेहद रोमांचक और खूबसूरत बन जाती है.
क्या सच में पानी में डूब जाती हैं पटरियां?
असल में यह सिर्फ एक भ्रम होता है. यह रेलवे ट्रैक समुद्र के ऊपर ऊंचाई पर बना है और पूरी तरह पानी में नहीं डूबता. लेकिन तेज ज्वार के समय समुद्र का पानी आसपास फैल जाता है, जिससे दूर से देखने पर ऐसा लगता है कि ट्रैक गायब हो गया है.
सुरक्षित तरीके से होता है ट्रेन संचालन
इस रूट पर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह सुरक्षा मानकों के तहत किया जाता है. Indian Railways लगातार मौसम, हवा की गति और समुद्र की स्थिति पर नजर रखता है. खराब मौसम या तेज हवाओं के दौरान ट्रेनों की गति कम कर दी जाती है या उन्हें रोका भी जा सकता है.
इतिहास से जुड़ी दिलचस्प कहानी
साल 1964 में आए भीषण चक्रवात ने इस क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचाया था और पुल भी प्रभावित हुआ था. बाद में इसे फिर से मजबूत किया गया. समय-समय पर इसकी मरम्मत और आधुनिकीकरण किया जाता रहा है. हाल के वर्षों में यहां एक नया वर्टिकल-लिफ्ट ब्रिज भी विकसित किया गया है, जिससे जहाजों की आवाजाही आसान हो गई है.
रेल और समुद्र का अद्भुत संगम
यह रेल मार्ग भारत के सबसे अनोखे और खूबसूरत ट्रैक्स में गिना जाता है. यहां यात्रा के दौरान समुद्र और रेल का अद्भुत संगम देखने को मिलता है. बदलती रोशनी और लहरों के कारण कभी-कभी पटरियां गायब होती नजर आती हैं, जो इस सफर को और भी यादगार बना देती हैं.


