पश्चिम बंगाल के चुनाव नजदीक है. इस बीच एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि विपक्षी दल INDIA गठबंधन का नेतृत्व कौन करेगा? इस पर सोमवार को नई चर्चाएं शुरू हो गईं. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रह चुके संजय बारू ने सुझाव दिया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गठबंधन को लीड करना चाहिए. बारू ने कहा कि ममता बनर्जी इस समय एकमात्र ऐसी महिला नेता हैं जो एक राजनीतिक दल और राज्य सरकार दोनों की प्रमुख हैं.
उन्होंने उन्हें “स्वनिर्मित और पहली पीढ़ी की नेता” बताया. उन्होंने यह भी कहा कि सोनिया गांधी–मनमोहन सिंह मॉडल को राहुल गांधी–मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ दोहराने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं.
ममता बनर्जी का सपोर्ट
बारू के इस लेख को तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने सोशल मीडिया पर शेयर किया और इसे समयानुकूल विचार बताया. बारू ने यह भी तर्क दिया कि चूंकि सत्तारूढ़ बीजेडी में पुरुष नेताओं का वर्चस्व है, ऐसे में अगर विपक्ष का नेतृत्व कोई महिला करे तो वो महिला मतदाताओं को आकर्षित कर सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी के बाद देश को कोई महिला प्रधानमंत्री नहीं मिली है.
स्टालिन के नाम पर भी जोर
उधर, केरल में पूर्व कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि अगर INDIA गठबंधन को मजबूत करना है तो तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन इसके लिए उपयुक्त व्यक्ति हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन सकते हैं, लेकिन गठबंधन को संगठित रखने के लिए किसी अन्य नेता की आवश्यकता होगी. अय्यर ने यह भी कहा कि स्टालिन ने संघीय ढांचे से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया है और वे राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने में बाधा नहीं बनेंगे.
कांग्रेस का रिएक्शन
कांग्रेस ने इन बयानों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. फिलहाल ममता बनर्जी की पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर INDIA गठबंधन का हिस्सा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का विरोध कर रही है, लेकिन राज्य स्तर पर वो अलग राह पर चल रही है. इस तरह विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व को लेकर अलग-अलग नाम सामने आ रहे हैं, हालांकि अभी तक कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है.


