राजकीय महाविद्यालय कण्वघाटी, कोटद्वार में देवभूमि उद्यमिता केंद्र, उच्च शिक्षा विभाग और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया.
उद्यमिता के महत्व पर जोर
कार्यक्रम संयोजक व नोडल अधिकारी डॉ. विनय देवलाल ने बताया कि किसी भी देश के आर्थिक विकास में उद्यमिता की अहम भूमिका होती है. उन्होंने छात्रों को नवाचार अपनाकर नौकरी से आगे बढ़ते हुए उद्यम की दिशा में कदम बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया.
योजना और सपोर्ट सिस्टम की जानकारी
जिला संयोजक व विषय विशेषज्ञ दिलीप सिंह कुशवाहा ने प्रतिभागियों को देवभूमि उद्यमिता योजना के उद्देश्य, चरण और विभिन्न सपोर्ट सिस्टम की जानकारी दी.
उन्होंने प्रोडक्ट डेवलपमेंट, मार्केटिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और फाइनेंशियल लिंकेज जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से समझाया.
नए आइडियाज और डिजिटल नोमेड पहल
प्रतिभागियों को नए विचार खोजने, अवसरों को पहचानने और उद्यमिता के लिए जरूरी कौशल विकसित करने पर जोर दिया गया. साथ ही डिजिटल नोमेड पहल के बारे में भी जानकारी दी गई.
कार्यक्रम के अंत में छात्रों का एक टेस्ट लिया गया, जो आगामी बूटकैंप के लिए चयन प्रक्रिया का हिस्सा है.
स्थानीय उद्यमी श्रेय सुन्दरियाल ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा कर छात्रों को प्रेरित किया.
प्राचार्य का संदेश
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. हरिश्चंद्र ने छात्रों को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने बताया कि छात्र अपने नए आइडियाज प्रस्तुत कर योजना के तहत एक लाख रुपये तक का सीड फंड प्राप्त कर सकते हैं.
प्रतिभागियों की भागीदारी
इस कार्यक्रम में 113 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. कार्यक्रम में प्रो. अशोक कुमार मित्तल, प्रो. विमल कुकरेती सहित कई शिक्षक मौजूद रहे. संचालन उषा सिंह द्वारा किया गया


