नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी Piramal Finance ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है. कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर करीब 9 गुना बढ़कर 603 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. वहीं पूरे वित्त वर्ष में मुनाफा 168% बढ़कर लगभग 1,540 करोड़ रुपये रहा.
मुनाफे में उछाल की वजह
कंपनी के मुनाफे में बड़ी वृद्धि का मुख्य कारण एसेट बिक्री से मिली रकम रही. Piramal Imaging के विनिवेश से कंपनी को लगभग 148 मिलियन डॉलर प्राप्त हुए, जिससे वित्तीय स्थिति को मजबूती मिली.
AUM 1 लाख करोड़ के पार
कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 25% की वृद्धि के साथ 1,01,230 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. ग्रोथ AUM में भी 33% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो 98,423 करोड़ रुपये हो गया. इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी का लोन पोर्टफोलियो लगातार विस्तार कर रहा है.
मार्जिन और प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार
चौथी तिमाही में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 6.5% तक पहुंच गया, जो बेहतर पोर्टफोलियो और कम फंडिंग लागत का नतीजा है. कंपनी का रिटर्न ऑन एसेट (RoA) भी सुधरकर 2.1% तक पहुंच गया.
एसेट क्वालिटी बनी स्थिर
कंपनी की एसेट क्वालिटी स्थिर बनी हुई है. ग्रॉस NPA करीब 2.3% और नेट NPA 1.6% के आसपास रहा. यह दर्शाता है कि कंपनी जोखिम प्रबंधन पर भी ध्यान दे रही है.
रिटेल बिजनेस में तेज ग्रोथ
रिटेल सेगमेंट में कंपनी ने अच्छी बढ़त दर्ज की है. रिटेल AUM में 32% की वृद्धि के साथ यह 57,837 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. अब कुल AUM में रिटेल की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है.
होलसेल सेगमेंट में भी मजबूती
होलसेल AUM में भी 38% की वृद्धि हुई और यह 12,538 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. हालांकि, कंपनी का फोकस धीरे-धीरे रिटेल लोन की ओर बढ़ता नजर आ रहा है.
टेक्नोलॉजी और कलेक्शन में सुधार
कंपनी ने अपने कलेक्शन सिस्टम को मजबूत किया है, जिससे रिकवरी में सुधार देखने को मिला. साथ ही टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से संचालन को और बेहतर बनाया जा रहा है.
डिविडेंड और फंड जुटाने की योजना
कंपनी के बोर्ड ने प्रति शेयर ₹11 के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है. इसके अलावा, कंपनी 5,000 करोड़ रुपये तक के फंड जुटाने की योजना पर भी काम कर रही है, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा.
शेयर बाजार में हलचल
नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में भी तेजी देखी गई. BSE पर शेयर करीब 1.23% चढ़कर ₹1,840.70 तक पहुंच गया.


