प्रधानमंत्री Narendra Modi मंगलवार को उत्तराखंड में चुनावी माहौल को धार देने वाले हैं. दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के उद्घाटन के मौके पर वे विकास, आर्थिकी और रोजगार के मुद्दों को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के लिए नया चुनावी एजेंडा तय कर सकते हैं.
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मां डाटकाली मंदिर में पूजा-अर्चना भी कर सकते हैं. इसे प्रतीकात्मक राजनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसके जरिए वे व्यापक मतदाता वर्ग को साधने की कोशिश कर सकते हैं.
भाजपा के चुनावी ब्रांड बने मोदी
प्रधानमंत्री मोदी भाजपा के सबसे बड़े चुनावी चेहरे माने जाते हैं. 2014 के बाद से उनके नेतृत्व में भाजपा ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में लगातार सफलता हासिल की है. उत्तराखंड में भी उनका प्रभाव निर्णायक माना जाता है.
उत्तराखंड से गहरा जुड़ाव
प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव रहा है. वर्ष 2014 के बाद यह उनका 28वां दौरा होगा. उनके लगातार दौरों ने राज्य में भाजपा की पकड़ मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है.
विकास और पर्यावरण का संतुलन
उत्तराखंड जैसे संवेदनशील हिमालयी राज्य में विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण एक बड़ा मुद्दा रहा है. केंद्र और राज्य सरकार ने इसे ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया है.
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर में 12 किमी लंबा एलिवेटेड रोड भी इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री अपने संबोधन में विपक्ष पर भी निशाना साध सकते हैं. खासतौर पर विकास और पर्यावरण के मुद्दों पर विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देने की संभावना है.
सीएम धामी के साथ मजबूत तालमेल
प्रधानमंत्री मोदी और Pushkar Singh Dhami के बीच मजबूत तालमेल देखा जाता है. धामी सरकार के कार्यकाल में यह प्रधानमंत्री का 18वां दौरा होगा.
इस दौरान दोनों नेताओं की संयुक्त उपस्थिति चुनावी माहौल को और तेज कर सकती है.
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और रक्षा मंत्री Rajnath Singh पहले ही राज्य में चुनावी माहौल बना चुके हैं. अब प्रधानमंत्री का दौरा इस अभियान को और गति देने वाला माना जा रहा है.


