उत्तराखंड सरकार ने आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि इस साल केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के लिए 50-50 बेड के आधुनिक अस्पताल पूरी तरह शुरू कर दिए जाएंगे. इन अस्पतालों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे यात्रियों को तुरंत इलाज मिल सकेगा.
सरकार ने श्रद्धालुओं की आर्थिक सुरक्षा के लिए खास व्यवस्था भी की है. यात्रा के दौरान किसी हादसे में घायल होने या गंभीर रूप से बीमार पड़ने पर श्रद्धालुओं का 1.5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त किया जाएगा.
हर एक किलोमीटर पर बनाए जाएंगे राहत केंद्र
स्वास्थ्य मंत्री ने यह जानकारी राजधानी के गांधी अस्पताल में किशोरियों के लिए आयोजित सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान दी. आपात स्थिति से निपटने के लिए यात्रा मार्ग पर हर एक किलोमीटर पर राहत केंद्र बनाए जाएंगे. इन केंद्रों पर प्राथमिक उपचार और ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध रहेगी. इसके अलावा एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम 15 मिनट तय किया गया है, ताकि मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके.
50 से ज्यादा स्पेशलिस्ट डॉक्टर
इस साल चारधाम यात्रा मार्ग और प्रमुख स्थानों पर 50 से ज्यादा स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती भी की गई है. सरकार का उद्देश्य है कि कठिन पहाड़ी इलाकों में भी किसी श्रद्धालु को इलाज की कमी के कारण परेशानी न हो. इन सुविधाओं से यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और आपात स्थितियों में तुरंत मदद मिल सकेगी.


