पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड सरकार की स्वरोजगार योजनाएं अब ग्रामीण युवाओं के लिए सफलता की नई कहानियां लिख रही हैं। जनपद पौड़ी गढ़वाल के केवर्स गांव निवासी राहुल गुसाईं ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का लाभ उठाकर डेयरी व्यवसाय में सफलता हासिल की है। आज वे आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं।
राहुल गुसाईं ने 7 लाख रुपये का ऋण लेकर डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की। शुरुआत में उन्होंने 5 गायों से काम शुरू किया और धीरे-धीरे अपने व्यवसाय का विस्तार करते हुए आज 24 गायों का डेयरी फार्म तैयार कर लिया है। इनमें जर्सी, साहीवाल, गिर, बद्री और होल्स्टीन फ्रीज़ियन जैसी उन्नत नस्ल की गायें शामिल हैं।
हर दिन 150 लीटर से ज्यादा दूध उत्पादन
वर्तमान में राहुल रोजाना करीब 150 से 170 लीटर दूध उत्पादन कर रहे हैं। इसमें से 32 से 40 लीटर दूध स्वयं सहायता समूह “प्रयास” को, करीब 50 लीटर आंचल डेयरी को और शेष दूध स्थानीय उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जाता है। गुणवत्तापूर्ण दूध के कारण उनकी मांग लगातार बढ़ रही है।
हर महीने 80-90 हजार की कमाई
दूध बिक्री से राहुल को हर महीने लगभग 80 से 90 हजार रुपये की आय हो रही है, जिसमें 45 से 50 हजार रुपये तक शुद्ध लाभ शामिल है। इससे उनका परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है और वे आगे अपने व्यवसाय को और बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
सरकारी योजनाओं से मिला सहारा
राहुल ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ने उन्हें व्यवसाय शुरू करने में महत्वपूर्ण मदद दी। इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड और मुख्यमंत्री राज्य पशु मिशन योजना के तहत भी उन्हें सहयोग मिला, जिससे वे अपने डेयरी व्यवसाय का विस्तार कर सके।
पशुपालन विभाग की ओर से उन्हें नियमित तकनीकी सहायता भी मिल रही है, जिसमें पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और चारे से जुड़ी जानकारी शामिल है। इससे दूध उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने राहुल
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने कहा कि राहुल गुसाईं जैसे युवा यह साबित कर रहे हैं कि सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं के सहयोग से डेयरी व्यवसाय को लाभकारी बनाया जा सकता है। राहुल की सफलता अब क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है, जो स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।


