देहरादून से मसूरी जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. दून–मसूरी मार्ग पर शिव मंदिर के पास पिछले साल आपदा में ध्वस्त हुए पुल की जगह अब लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा दूसरे बैली ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है. विभाग का दावा है कि यह नया पुल अगले 20 दिनों के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे इस मार्ग पर लगने वाले भारी जाम से काफी हद तक राहत मिलेगी.
दरअसल, सितंबर 2025 में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के चलते यहां स्थित मुख्य पुल पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था. इसके बाद आवागमन बनाए रखने के लिए विभाग ने अस्थायी रूप से एक बैली ब्रिज का निर्माण किया था. हालांकि, समय के साथ इस मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता गया, खासकर पर्यटन सीजन के दौरान. ऐसे में एकमात्र बैली ब्रिज पर बढ़ते ट्रैफिक के कारण जाम की समस्या गंभीर हो गई थी.
बैली ब्रिज बनाने का काम शुरू
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए अब PWD के प्रांतीय खंड ने दूसरा बैली ब्रिज बनाने का काम शुरू किया है. यह नया पुल लगभग 40 मीटर लंबा और 6 मीटर चौड़ा होगा. दो बैली ब्रिज बनने के बाद दोनों दिशाओं में यातायात सुचारु रूप से चल सकेगा और वाहनों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ मसूरी आने वाले पर्यटकों को भी बड़ी राहत मिलेगी.
इसके साथ ही विभाग स्थायी पुल के निर्माण पर भी तेजी से काम कर रहा है. अधिकारियों के अनुसार, स्थायी पुल का निर्माण अगले चार महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. तब तक दोनों बैली ब्रिज ही इस मार्ग पर यातायात का मुख्य आधार बने रहेंगे.
ये कदम बेहद अहम
आगामी चारधाम यात्रा और गर्मियों की छुट्टियों के दौरान मसूरी में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है. विभाग का कहना है कि पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचने से पहले यातायात व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है.
PWD प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि जाम की समस्या को गंभीरता से लेते हुए दूसरे बैली ब्रिज का निर्माण तेजी से किया जा रहा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही यह पुल जनता के लिए खोल दिया जाएगा और इससे दून–मसूरी मार्ग पर यातायात पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगा.


