देश के पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के शुरुआती रुझानों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की बढ़त, असम में सत्ता की वापसी और तमिलनाडु में नए राजनीतिक समीकरणों ने बाजार को सकारात्मक संकेत दिए हैं। इन रुझानों को राजनीतिक स्थिरता और नीतिगत निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
सेंसेक्स-निफ्टी में जबरदस्त उछाल
सोमवार को शेयर बाजार में तेज रैली देखने को मिली। Sensex 900 अंकों तक चढ़ गया, जबकि Nifty 50 में 250 से अधिक अंकों की तेजी दर्ज की गई। इस उछाल से निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब ₹5.4 लाख करोड़ का इजाफा हुआ।
बाजार में लगभग सभी सेक्टरों में तेजी रही। ऑटो, रियल्टी और एफएमसीजी शेयरों में खास बढ़त देखने को मिली, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी मजबूत रहे।
किन वजहों से आई तेजी
बाजार की इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं। पहला, चुनावी रुझानों से राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद बढ़ी है। दूसरा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है, जिससे भारत जैसे आयातक देश को राहत मिली है।
इसके अलावा विदेशी निवेशकों (FIIs) की भारतीय बाजार में वापसी से लिक्विडिटी बढ़ी है। साथ ही Strait of Hormuz से जुड़े तनाव कम होने की उम्मीद ने भी निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।
वैश्विक संकेत भी बने सहारा
एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी भारतीय बाजार को सपोर्ट दिया। दक्षिण कोरिया, हांगकांग और जापान के बाजार बढ़त के साथ खुले, वहीं वॉल स्ट्रीट भी मजबूती के साथ बंद हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये तेजी फिलहाल शुरुआती रुझानों पर आधारित है। यदि दिन चढ़ने के साथ राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट होती है, तो बाजार में और बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।


