नेपाल के झूलाघाट स्थित कस्टम कार्यालय के प्रभारी पुरेंद्र बिष्ट के अनुसार, भारतीय बाजारों से खरीदे गए ₹100 से अधिक के सामान पर अब कस्टम ड्यूटी सख्ती से वसूली जा रही है.
यह नियम दार्चुला और झूलाघाट एंट्री प्वाइंट पर लागू किया गया है.
सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी
नेपाल सरकार ने कैलाली, कंचनपुर और बैतड़ी जिलों में 240 अतिरिक्त सशस्त्र जवान तैनात किए हैं.
पहले जहां एक चेकपोस्ट पर 12–15 जवान होते थे, अब उनकी संख्या बढ़ाकर करीब 30 कर दी गई है, जिससे बॉर्डर पर निगरानी लगभग दोगुनी हो गई है.
मानव तस्करी और अवैध व्यापार पर नजर
सरकार का यह कदम मानव तस्करी और अवैध सामान की आवाजाही पर रोक लगाने के प्रयास से जुड़ा बताया जा रहा है.
सख्ती के चलते सीमा पार गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
सीमावर्ती व्यापार पर पड़ा असर
पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर से जुड़े बाजारों पर इसका सीधा असर पड़ा है. नेपाल के लोग लंबे समय से भारतीय बाजारों से सस्ते और आसानी से उपलब्ध सामान खरीदते रहे हैं, जिससे दोनों तरफ की अर्थव्यवस्था को फायदा होता था.
साइकिल से सामान ले जाने में आई कमी
व्यापारियों के अनुसार, पहले रोजाना 50 से ज्यादा नेपाली नागरिक साइकिल के जरिए करीब 60 लाख रुपये तक का सामान नेपाल ले जाते थे.
अब सख्ती के बाद यह संख्या और सामान दोनों ही काफी कम हो गए हैं.
व्यापारियों की चिंता बढ़ी
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि नए नियमों के सख्त लागू होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है.
हालांकि, शादी से जुड़े सामान पर कुछ राहत दी जा रही है, बशर्ते खरीददार विवाह कार्ड दिखाएं.
कुल मिलाकर, नेपाल की इस सख्ती ने सीमा पार व्यापार और आम लोगों की रोजमर्रा की खरीदारी दोनों पर बड़ा असर डाला है.


