उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (UBSE) के लाखों परीक्षार्थियों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। शनिवार सुबह 10 बजे रामनगर स्थित बोर्ड सभागार में रिजल्ट घोषित किया गया। इस मौके पर राज्य के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत मौजूद रहे, जबकि बोर्ड के सभापति एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशक मुकुल सती ने आधिकारिक रूप से परिणाम जारी किए।
इस बार भी बोर्ड परीक्षा में छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों ही परीक्षाओं में लड़कियों ने बाजी मारी है, जिससे एक बार फिर यह साफ हो गया है कि राज्य में बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं।
पास प्रतिशत में भी बेहतर प्रदर्शन
हाईस्कूल (10वीं) का कुल परिणाम 92.10 प्रतिशत रहा, जबकि इंटरमीडिएट (12वीं) का रिजल्ट 85.11 प्रतिशत दर्ज किया गया। हाईस्कूल में छात्राओं का पास प्रतिशत 96.07 रहा, जो छात्रों के 88.03 प्रतिशत से काफी अधिक है। इसी तरह इंटरमीडिएट में भी छात्राओं ने 88.09 प्रतिशत के साथ बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि छात्रों का परिणाम 81.93 प्रतिशत रहा।
इन आंकड़ों से साफ है कि इस बार भी छात्राओं ने लगातार बेहतर प्रदर्शन की परंपरा को कायम रखा है और मेरिट सूची में भी उनकी मजबूत उपस्थिति देखने को मिली है।
ये रहे टॉपर
हाईस्कूल में अक्षत गोपाल ने 98.2 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे उत्तराखंड में पहला स्थान प्राप्त किया। वह रामनगर के एनपी इंटर कॉलेज के छात्र हैं।
वहीं इंटरमीडिएट में दो छात्राओं ने संयुक्त रूप से टॉप किया। गीतिका पंत (सरस्वती विद्या मंदिर, बागेश्वर) और सुशीला मेहदीरत्ता (भंगाराम अमर इंटर कॉलेज, ऊधमसिंह नगर) ने 98.0 प्रतिशत अंक हासिल कर पहला स्थान साझा किया।
इसके अलावा ऋषिकेश के आर्यन ने दूसरा स्थान और हरिद्वार की वंशिका ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
सीएम धामी ने दी बधाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी। उन्होंने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके परिश्रम और समर्पण का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने हाईस्कूल के टॉपर्स—अक्षत गोपाल, इशांत कोठारी, भूमिका और योगेश जोशी से विशेष रूप से बातचीत कर उनकी सफलता पर खुशी जताई और उन्हें आगे भी इसी तरह मेहनत करते रहने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षा में बेटियों का बढ़ता दबदबा
इस बार के परिणामों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उत्तराखंड में छात्राएं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। उनका पास प्रतिशत और मेरिट में स्थान इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में भी वे हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगी।


