उत्तराखंड में मौसम का बदला मिजाज लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आया है। प्रदेश में पिछले चार दिनों से लगातार रुक-रुककर बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी है। मंगलवार को भी पहाड़ से मैदान तक बादलों का डेरा बना रहा और अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
चारधाम समेत ऊंची चोटियों पर लगातार दूसरे दिन हिमपात हुआ, जबकि कई निचले इलाकों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की भी सूचना मिली। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पारा सामान्य से 4 से 7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे पहुंच गया है।
मई में लौटी ठंड, पहाड़ों में बढ़ी कंपकंपी
बारिश और बर्फबारी के कारण पर्वतीय जिलों में एक बार फिर कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। वहीं मैदानी इलाकों में भी सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ गई है।
देहरादून में मंगलवार को अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 7 डिग्री कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार यह पिछले नौ वर्षों में मई महीने का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड किया गया है।
केदारनाथ समेत ऊंची चोटियों पर हिमपात
Kedarnath Temple समेत चारधाम की चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ। बदरीनाथ, हेमकुंड और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी लगातार बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा।
हालांकि पिछले दिनों की तुलना में अंधड़ और ओलावृष्टि की घटनाओं में कुछ कमी आई है, लेकिन मौसम अब भी पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है।
आज भी यलो अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक बुधवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला रहेगा। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर को छोड़कर बाकी जिलों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।
पर्वतीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
शुक्रवार से मौसम खुलने की उम्मीद
मौसम विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार से प्रदेश में मौसम धीरे-धीरे साफ हो सकता है। इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी होने और लोगों को राहत मिलने की संभावना जताई गई है।


