स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री जलडमरूमध्य है, जो Persian Gulf (फारस की खाड़ी) को Gulf of Oman (ओमान की खाड़ी) से जोड़ता है. यह दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से रोज़ाना सैकड़ों तेल टैंकर गुजरते हैं.
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह इलाका करीब 20 से 30 मिलियन साल पहले टेक्टोनिक प्लेट्स के खिसकने से बना था. यानी यह कोई साधारण जलमार्ग नहीं, बल्कि लाखों साल की भूगर्भीय प्रक्रिया का परिणाम है.
किसका है इस पर नियंत्रण?
इस स्ट्रेट के उत्तरी तट पर Iran स्थित है, जिसकी वजह से उसका इस क्षेत्र पर काफी प्रभाव रहता है.
लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार यह किसी एक देश के नियंत्रण में नहीं है. यह एक इंटरनेशनल समुद्री मार्ग है, जहां सभी देशों को जहाज चलाने का अधिकार है.
कितना चौड़ा है यह रास्ता?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सबसे कम चौड़ाई करीब 33 किलोमीटर है.
यहां जहाजों के लिए अलग-अलग लेन बनाई गई हैं, ताकि टकराव से बचा जा सके और ट्रैफिक सुचारु रूप से चलता रहे.
क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है.
Saudi Arabia, Kuwait और Iraq जैसे बड़े तेल उत्पादक देश अपना तेल इसी मार्ग से दुनिया भर में भेजते हैं.
इसलिए इसे दुनिया की Energy Lifeline भी कहा जाता है.
क्यों बढ़ जाता है तनाव?
ईरान की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि वह इस पूरे स्ट्रेट पर नजर रख सकता है.
इसी वजह से जब भी मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता है, तो Iran अक्सर इस रास्ते को बंद करने या कंट्रोल करने की धमकी देता है.
अभी क्यों चर्चा में है?
हाल ही में Iran, Israel और United States के बीच बढ़ते तनाव के चलते यह स्ट्रेट फिर से सुर्खियों में है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने यहां से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर कड़ा नियंत्रण बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई पर असर पड़ सकता है.


