उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 18 से 21 जुलाई तक प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। देहरादून समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इन जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 18 जुलाई को देहरादून, नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में भी भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। 19 और 20 जुलाई को भी देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी और नैनीताल समेत कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। 21 जुलाई को बागेश्वर जिले के लिए विशेष अलर्ट जारी किया गया है।
भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ा
लगातार बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और मलबा आने का खतरा बढ़ गया है। नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे फ्लैश फ्लड की स्थिति बन सकती है। निचले इलाकों में जलभराव, सड़कें बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की भी आशंका है।
चारधाम यात्रियों और लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम वैज्ञानिकों ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदी-नालों से दूर रहने, खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन को भी आपदा प्रबंधन की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
देहरादून में शाम की बारिश से मिली राहत
शुक्रवार को दिनभर उमस भरी गर्मी के बाद शाम करीब चार बजे मौसम ने करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। शाम करीब सात बजे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक देहरादून में 39.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश के बाद लोगों को उमस से राहत मिली, हालांकि कई स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की भी खबरें सामने आईं।


