। वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर जिस प्रकार से नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों (फेज वन, टू,थ्री ) में कामगारों ने उपद्रव किया। इस कारण उत्पादन इकाइयों में सोमवार को संचालन बंद कर दिया गया। इससे तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान सेक्टर को उठाना पड़ा है।
इसमें अनुमानित दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान इकाइयों का संचालन बंद करने, 500 से अधिक इकाइयों में तोड़फोड़ व बाहर खड़े 10 हजार से अधिक वाहनों के क्षतिग्रस्त होने से एक हजार से अधिक का नुकसान तय माना जा रहा है।
बढ़ सकता है नुकसान का आंकड़ा
हालांकि अभी नुकसान का संपूर्ण आंकलन किया जाना जारी है। संभावना जताई जा रही है कि नुकसान का आंकड़ा बढ़ सकता है। उद्यमियों का कहना है कि नोएडा से प्रति माह 60 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है।
इसके एवज में केंद्र व राज्य जीएसटी विभाग को राजस्व के रूप में करीब 5000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। एक दिन इकाई का संचालन बंद करने से सरकार के राजस्व पर करीब 2300 करेाड़ रुपये का असर पड़ा है। इन हालात में इकाइयों का संचालन बंद रखना ही उचित होगा।
इतना राजस्व देने के बाद भी सरकार सुविधा व सुरक्षा उपलब्ध नहीं करा पाने में असमर्थ है। शासन प्रशासन की असंवेदनशीलता और सुस्ती ने आज की घटना को अंजाम दिया है। उद्यमियों का कहना है कि सरकार इस नुकसान की भरपाई करें।
उन्होंने कहा कि, हमारी कामगारों के साथ हमदर्दी है। सरकार को जमीनी हकीकत समझने की कोशिश करनी चाहिए। एक किलो गैस 400 में मिल रही है, वहां कामगारों के लिए वेतन के नियम में बदलाव तो होना ही चाहिए।
प्रदर्शन का साक्ष्य सीसीटीवी में रिकार्ड
उपद्रवियों ने फैक्ट्री व कंपनी में पहुंचकर सुबह से उत्पात मचाना शुरू कर दिया। सुबह की शिफ्ट में आए कामगारों को फैक्ट्री व कंपनी के अंदर जाने से रोका गया, जबकि नाइट शिफ्ट के वर्कर को गेट बाहर रोक लिया और प्रदर्शन में शामिल करवा लिया।
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बिल्डिंगों पर पत्थरबाजी कर कांच तोड़ कर नुक़सान पहुंचाया। बाहर खड़ी कारों छोड़ा ही नहीं गया। जहां जहां उपद्रवी जा रहे थे, रास्ते में खड़े वाहनों को क्षति पहुंचा रहे थे। पूरा घटनाक्रम इकाइयों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो हुआ है।
क्या बोले उद्यमी
पांच सौ औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ की गई है। दस हजार से अधिक वाहनों के तोड़े जाने की सूचना कंट्रोल रूप पर पहुंची है। करीब तीन हजार करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान का अनुमान है।
– सुधीर श्रीवास्तव, उद्यमी, सेक्टर-59
मेरी आइटी इनेबल इंडस्ट्री है, जिसका कामगारों से कोई लेेेना देना नहीं था, लेकिन उपद्रवियों ने हमारी कंपनी के ग्लास तोड़ दिए और बाहर खड़ी गाड़ियों को क्षतिग्रस्त किया है। 112 में काल करने पर पुलिस का जवाब मिल रहा था कि उपद्रवियों ने रास्ता रोक रखा है, हम पहुंचने की कोशिश करते है।
– नमित गौतम, उद्यमी, सेक्टर-67
सेक्टर-63 व 57 स्थित सर्विस सेंटर पर गेट बंद होने के बावजूद उपद्रवी गेट तोड़कर अंदर घुसे और उन्होंने जमकर तोड़फोड़ कर खड़ी कार में आग लगा दी। यह उपद्रवी कहां से आए थे, समझ से परे।
– राकेश दीक्षित, सीजीएम, विपुल मोटर्स
नोएडा / ग्रेटर नोएडा औद्योगिक क्षेत्र – एक नजर में
औद्योगिक सेक्टर में इकाइयों की संख्या
फेज सेक्टर इकाइयों की संख्या
फेज वन सेक्टर-1 से 11, 16 व 16A 4,808
फेज टू सेक्टर-57 से 68 2,193
फेज थ्री सेक्टर-80 से 88 4,107
कुल इकाइयाँ 11,098
कम वेतन पर काम करने वाले कामगारों की संख्या
श्रेणी संख्या
पीएफ में पंजीकृत कामगार 12 लाख
गारमेंट्स इंडस्ट्री में कामगार 8 लाख
जीएसटी होल्डर 1.28 लाख
एमएसएमई में रजिस्ट्रेशन 1.25 लाख

