अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रोजेक्ट हेल्प इंडिया संस्था द्वारा ‘शाइन विमेंस कॉन्फ्रेंस’ का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के प्रति जागरूक करना रहा. इस अवसर पर देश भर में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य कर रही महिलाओं के प्रयासों और उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई. कार्यक्रम में बताया गया कि किस प्रकार आज महिलाएं शिक्षा, रोजगार, सामाजिक नेतृत्व और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी मजबूत भूमिका निभा रही हैं. साथ ही राज्य और केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि महिलाएं इन योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवार व समाज के विकास में सक्रिय योगदान दे सकें.
बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दिया सशक्तिकरण का संदेश

संस्था के डायरेक्टर अमित सैमुअल ने बताया कि कार्यक्रम में कोटद्वार सिटी सेंटर, स्लम सेंटर, कादरगंज, बगनाला और परमावाला सेंटर के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. बच्चों ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें गीत, नृत्य और लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज में महिलाओं की भूमिका और उनके सम्मान के महत्व को दर्शाया गया. इन प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समाज में महिलाओं को बराबरी का अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए. बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उपस्थित लोगों ने उनकी सराहना की.
महिला सुरक्षा और सरकारी सेवाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई. इस दौरान उत्तराखंड पुलिस के मोबाइल ऐप और आपातकालीन सेवा डायल 112 के बारे में जानकारी दी गई. महिलाओं को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में वे इन सेवाओं का उपयोग कर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकती हैं. साथ ही यह भी समझाया गया कि सरकार द्वारा महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई डिजिटल और तकनीकी पहल की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं को त्वरित मदद उपलब्ध कराना है.
साइबर क्राइम से बचाव के उपाय भी बताए

संस्था की मैनेजर डेजी सेमुअल ने कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से जुड़े विभिन्न कानूनों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों के आंकड़ों पर भी प्रकाश डाला और महिलाओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों से सतर्क रहने की सलाह दी. उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में इंटरनेट का उपयोग करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए.
उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें उपहार वितरित किए गए. साथ ही संस्था के एजुकेशन सेंटर में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला स्टाफ को सम्मानित किया गया. संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है. उन्होंने विश्वास जताया कि जागरूकता और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है.


