उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने शनिवार को कोटद्वार में महिला हेल्प डेस्क और साइबर सेल का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली, काउंसलिंग प्रक्रिया और पंजीकृत मामलों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की. निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने काउंसलिंग सत्र में भी भाग लिया और उपस्थित पक्षों की समस्याओं को सुनते हुए आपसी समझ और संवाद के माध्यम से विवादों को सुलझाने का प्रयास किया.
540 मामलों का सफल निस्तारण
निरीक्षण के दौरान हेल्प डेस्क प्रभारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2025-26 में कुल 540 मामले पंजीकृत हुए. जिनका सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है. वहीं वर्ष 2026 के शुरुआती दो महीनों (जनवरी-फरवरी) में 112 नए मामले दर्ज हुए. जिन पर सुनवाई और समाधान की प्रक्रिया जारी है.
अध्यक्ष ने कहा कि महिला हेल्प डेस्क का मुख्य उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना और पारिवारिक विवादों को काउंसलिंग के माध्यम से सुलझाकर परिवारों को टूटने से बचाना है.
साइबर अपराधों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
इस दौरान कुसुम कंडवाल ने साइबर सेल का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े ऑनलाइन अपराध और साइबर बुलिंग के मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए जागरूकता बेहद जरूरी है.
स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता पर जोर
महिला आयोग अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूलों और कॉलेजों में छात्राओं को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए. इसके साथ ही निजी संस्थानों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaint Committee) की जानकारी व्यापक रूप से साझा करने और कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा.
इस अवसर पर कोटद्वार थाना प्रभारी प्रदीप नेगी, महिला हेल्पलाइन प्रभारी एसआई दीपिका बिष्ट सहित अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.


