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नए सत्र में शिक्षकों के सामने पाठ्यक्रम पूरा करने की चुनौती, गर्मी की छुट्टियों से पहले 30 प्रतिशत कोर्स पूरा करने के निर्देश

Mintwire by Mintwire
15/03/2026
in उत्तराखंड, राज्य
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सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को नए शैक्षणिक सत्र में पाठ्यक्रम का प्रबंधन अधिक व्यवस्थित करना होगा. शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सत्र शुरू होते ही पढ़ाई पर ध्यान देते हुए गर्मी की छुट्टियों से पहले कम से कम 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम पूरा कर लिया जाए.

दरअसल स्कूलों में प्रतिवर्ष न्यूनतम 222 शिक्षण दिवस का प्रावधान है, लेकिन इस वर्ष कई अतिरिक्त जिम्मेदारियों के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर), जनगणना और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में शिक्षकों की ड्यूटी लगने की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.

शिक्षकों पर कई ज़िम्मेदारी

बताया जा रहा है कि एसआइआर की प्रक्रिया अप्रैल से शुरू हो सकती है, वहीं जनगणना का कार्य भी जल्द प्रारंभ होने वाला है. इसके अलावा अगले वर्ष होने वाले चुनावों की तैयारियों में भी शिक्षकों को जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं. ऐसे में अनुमान है कि शिक्षकों को 150 दिनों से भी कम वास्तविक शिक्षण दिवस मिल पाएंगे.

इसी कारण शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौखिक रूप से शिक्षकों को पाठ्यक्रम प्रबंधन बेहतर करने और समय पर पढ़ाई पूरी कराने के निर्देश दिए हैं. हालांकि शिक्षकों का कहना है कि पढ़ाने के अलावा कई अन्य कार्यों की जिम्मेदारी होने के कारण पाठ्यक्रम समय पर पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

शिक्षक संगठनों ने क्या कहा

शिक्षक संगठनों का कहना है कि एसआइआर, जनगणना और निर्वाचन जैसे जरूरी कार्यों के अलावा अन्य कार्यों में शिक्षकों को नहीं लगाया जाना चाहिए. उनका मानना है कि यदि शिक्षकों को पढ़ाई पर पूरा ध्यान देने दिया जाए तो पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराया जा सकता है.

इस बीच एक सकारात्मक पहल भी सामने आई है. पिछले वर्षों में सरकारी स्कूलों में निशुल्क पाठ्यपुस्तकें अक्सर जुलाई तक पहुंचती थीं, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती थी. लेकिन इस बार नया सत्र शुरू होने से पहले ही किताबों की आपूर्ति शुरू हो गई है.

छात्रों को समय पर किताबें मिलेंगी

राजपुरा स्थित जिला वितरण केंद्र में कक्षा एक और दो की किताबें पहुंच चुकी हैं. कक्षा एक के लिए सारंगी और मृदंग की 2500-2500 तथा आनंदमय गणित की 2400 किताबें आई हैं. वहीं कक्षा दो के लिए सारंगी और मृदंग की 1700-1700 और आनंदमय गणित की 1600 किताबें भेजी गई हैं. इससे उम्मीद है कि इस बार छात्रों को समय पर किताबें मिल जाएंगी और पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी.

मुख्य शिक्षा अधिकारी जीआर जायसवाल ने बताया कि संभावित व्यस्तताओं को देखते हुए शिक्षकों से पाठ्यक्रम प्रबंधन दुरुस्त करने को कहा गया है और गर्मी की छुट्टियों से पहले 30 प्रतिशत कोर्स पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.

Tags: Uttarakhand
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