उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पिछले साढ़े चार वर्षों में की गई विकास घोषणाओं की समीक्षा में बड़ा आंकड़ा सामने आया है . कुल 4332 घोषणाओं में से अब तक 2444 पर शासनादेश (GO) जारी किए जा चुके हैं, जबकि 417 घोषणाएं अब भी अधूरी हैं और 345 योजनाओं को अलग-अलग कारणों से वापस लेना पड़ा है .
सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में यह स्थिति सामने आई . मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि लंबित घोषणाओं को जल्द पूरा किया जाए . साथ ही उन्होंने कहा कि जो योजनाएं तकनीकी या व्यावहारिक कारणों से पूरी नहीं हो सकतीं, उन्हें हटाने का प्रस्ताव 15 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री घोषणा प्रकोष्ठ को भेजा जाए .
किन-किन मामलों पर हुई चर्चा
बैठक में भूमि उपलब्धता से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई . मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसे मामलों में जनप्रतिनिधि, विधायक और जिलाधिकारी आपसी समन्वय से तय करें कि योजना को आगे बढ़ाना है या नहीं . इसके अलावा अंतरविभागीय मुद्दों को भी मिलकर सुलझाने पर जोर दिया गया .
किन क्षेत्रों में वापस लेनी पड़ी योजनाएं
विभागवार स्थिति पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा 90 घोषणाएं लोक निर्माण विभाग (PWD) में वापस लेनी पड़ीं . इसके पीछे डबल कनेक्टिविटी और पीसीयू मानकों से जुड़ी दिक्कतें बताई गईं . वहीं शिक्षा विभाग में 55 और सिंचाई विभाग में 45 घोषणाएं पूरी नहीं हो सकीं .
बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि सभी जिलों में राज्य संपत्ति और लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस विकसित किए जाएं . इसके लिए नए निर्माण प्रस्ताव सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए .
कुंभ से जुड़े कार्यों को लेकर दिया अपडेट
इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंभ से जुड़े कार्यों को लेकर भी अपडेट दिया . उन्होंने कहा कि सभी काम समय पर पूरे कराने के लिए तय समयसीमा बनाई गई है और विभागों के बीच बेहतर तालमेल के जरिए बाधाओं को दूर किया जा रहा है .
उन्होंने यह भी बताया कि चारधाम यात्रा की तैयारियां तेजी से चल रही हैं . सरकार का लक्ष्य 2027 के कुंभ मेले को भव्य और दिव्य रूप देना है . इसके लिए संत समाज और सामाजिक-धार्मिक संगठनों से लगातार संवाद किया जा रहा है . जरूरत पड़ने पर वे स्वयं हरिद्वार जाकर तैयारियों की समीक्षा करेंगे .
बसपा संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय केंद्र सरकार के स्तर पर लिया जाता है और यदि ऐसी मांग उठती है तो उस पर विचार किया जाएगा . उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में चुनावों के दौरान जनता डबल इंजन सरकार को प्राथमिकता दे रही है, जिससे विकास कार्यों को गति मिल रही है .


