उत्तराखंड हाई कोर्ट ने मंगलवार 17 मार्च 2026 को कोटद्वार पुलिस को निर्देश दिया कि ‘मोहम्मद दीपक’ मामले में दर्ज एफआईआर की जांच पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करें
यह मामला एक जिम मालिक मोहम्मद दीपक से जुड़ा है जो तब चर्चा में आए जब उन्होंने कुछ दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं का सामना किया था ये लोग 71 साल के मुस्लिम दुकानदार को परेशान कर रहे थे और उसकी दुकान का नाम बदलने का दबाव बना रहे थे
क्या है पूरा मामला
यह घटना गणतंत्र दिवस के दिन हुई थी जब विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कुछ सदस्यों ने ‘बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर’ नाम की दुकान पर आपत्ति जताई यह दुकान वकील अहमद की थी
मामला बढ़ने पर दीपक ने बीच में आकर बुजुर्ग दुकानदार का बचाव किया इस दौरान उनका एक वीडियो वायरल हो गया जिसमें वे कहते दिखे मेरा नाम मोहम्मद दीपक है
इसके बाद दीपक को धमकियां मिलने लगीं और 31 जनवरी को कुछ लोग उनके जिम के बाहर इकट्ठा होकर विरोध करने लगे
तीन एफआईआर की दर्ज
इस पूरे मामले में पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज कीं पहली दुकानदार की शिकायत पर वीएचपी और बजरंग दल के सदस्यों के खिलाफ दूसरी दीपक के खिलाफ जिसमें उन पर छीना झपटी और माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया गया और तीसरी अज्ञात लोगों के खिलाफ जो जिम के बाहर विरोध कर रहे थे
घटना के बाद दीपक को देशभर से समर्थन मिला लेकिन उनका कहना है कि इस वजह से उनके जिम का काम प्रभावित हुआ और मेंबरशिप कम हो गई
दीपक के वकील ने क्या कहा
दीपक के वकील नवनीश नेगी ने कोर्ट में कहा कि यह याचिका अच्छे इरादे से दायर की गई है ताकि जो भी दान दीपक को मिला है उसे बाद में उनके खिलाफ इस्तेमाल न किया जाए कोर्ट की बेंच ने दीपक को जिम के लिए मिले दान की पूरी जानकारी देने को भी कहा
सुनवाई के दौरान वकील ने यह भी कहा कि पुलिस ने वीडियो में दिख रहे लोगों के खिलाफ नाम नहीं लिखे लेकिन दीपक के खिलाफ साफ तौर पर एफआईआर दर्ज कर दी इससे लगता है कि उनके साथ अन्याय हो रहा है
हाई कोर्ट ने पुलिस से यह भी पूछा कि दीपक की शिकायत के आधार पर उन लोगों के खिलाफ केस क्यों नहीं दर्ज किया गया जो वीडियो में साफ पहचाने जा सकते हैं


