पौड़ी गढ़वाल के सैंजी गांव में पिछले साल आई भीषण आपदा के बाद अब जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। 6 अगस्त 2025 को मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने गांव में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 16 परिवार बेघर हो गए थे। कई मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए थे और लोगों के सामने रहने तक का संकट खड़ा हो गया था। लेकिन करीब नौ महीने बाद अब गांव में फिर उम्मीदें लौटती दिखाई दे रही हैं।
आपदा के तुरंत बाद मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami स्वयं सैंजी गांव पहुंचे थे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। सरकार की ओर से सभी 16 प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि दी गई। वहीं जिन सात परिवारों की जमीन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, उन्हें एसडीआरएफ विस्थापन मद से अतिरिक्त 4.25 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई।
मकान हुए तैयार
प्रशासन की ओर से राहत और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए प्रभावित परिवारों के लिए नए मकानों का निर्माण कराया गया। अब कई परिवार अपने नए घरों में रहने लगे हैं। प्रशासन ने अस्थायी आश्रय, भोजन, चिकित्सा सुविधा और अन्य जरूरी सहायता भी समय पर उपलब्ध कराई।
लोगों ने क्या-क्या कहा
आपदा प्रभावित नीलम सिंह भंडारी ने बताया कि हादसे के बाद उनका परिवार लंबे समय तक अस्थायी आश्रय में रहा, लेकिन अब नया घर बनने से उन्हें दोबारा सामान्य जीवन शुरू करने का सहारा मिला है। वहीं बबीता देवी ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी उनका घर दोबारा बन पाएगा, लेकिन सरकारी सहायता से उनका परिवार अब सुरक्षित माहौल में रह रहा है।
जिलाधिकारी Swati S Bhadauria ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य किया गया, ताकि सभी परिवार सम्मानपूर्वक अपना जीवन दोबारा शुरू कर सकें।


