राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक Abhijeet Dipke के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना सामने आई. यह घटना उस समय हुई जब वह प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने के लिए शहीद स्मारक की ओर जा रहे थे.
रैली को संबोधित करने से पहले हुआ विवाद
अभिजीत दिपके ने दोपहर 3 बजे शहीद स्मारक पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया था. बताया जा रहा है कि जब समर्थक उन्हें अपने कंधों पर बैठाकर रैली स्थल की ओर ले जा रहे थे, तभी भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी.
सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोगों ने उनका स्कार्फ खींचा, उन्हें कई बार थप्पड़ मारे और नीचे गिराने की कोशिश की. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
देशभर में जारी है CJP का आंदोलन
Cockroach Janta Party खुद को एक व्यंग्यात्मक (Satirical) संगठन बताती है. संगठन ने हाल ही में नई दिल्ली से अपने राष्ट्रव्यापी आंदोलन की शुरुआत की थी, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए थे.
इसके बाद अमृतसर, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद और लखनऊ समेत कई शहरों में भी प्रदर्शन आयोजित किए गए.
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
अभिजीत दिपके लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि NEET पेपर लीक, CBSE की OSM प्रणाली से जुड़े विवाद और अन्य परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के मामलों में सरकार जवाबदेही तय करने में विफल रही है.
दिपके का कहना है कि यह आंदोलन देश के युवाओं की आवाज है और यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो दिल्ली में फिर से बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा.
सोशल मीडिया पर बढ़ी लोकप्रियता
CJP मई महीने में उस समय चर्चा में आई थी जब मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की एक विवादित टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी.
इसके बाद संगठन ने “Cockroach” शब्द को विरोध और प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल करना शुरू किया. सोशल मीडिया पर संगठन को बड़ी संख्या में युवाओं का समर्थन भी मिला है.
सोनम वांगचुक और प्रकाश राज भी दे चुके हैं समर्थन
सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं. वहीं अभिनेता Prakash Raj ने भी रविवार को बेंगलुरु में प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर अपना समर्थन जताया था.
CJP का दावा है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने तक उसका आंदोलन जारी रहेगा.


